ईरान के ड्रोन हमलों के जवाब में बड़ा एक्शन, पूर्वी इराक में हथियारों के डिपो किए गए नष्ट
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर बमबारी की है। सऊदी तेल सुविधाओं पर ड्रोन हमले की कोशिश नाकाम।
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में पहले से ही जारी भारी तनाव के बीच एक और बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। अमेरिकी और सऊदी अरब की संयुक्त सेनाओं ने मिलकर इराक के भीतर एक जबरदस्त और निर्णायक बमबारी को अंजाम दिया है। दोनों देशों के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया के कई प्रमुख हथियारों और लॉजिस्टिक्स ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यह संयुक्त सैन्य कार्रवाई ईरान की तरफ से लगातार किए जा रहे हमलों के कड़े जवाब में की गई है।
✈️ अमेरिकी सेंट्रल कमांड का बयान: 3 दिनों में हुए 30 से ज्यादा ड्रोन हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक विस्तृत बयान जारी कर जानकारी दी कि पिछले 3 दिनों के भीतर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्ट्स (IRGC) के इशारे पर 30 से अधिक ड्रोन हमले किए गए थे।
इसी दुसाहस का कड़ा जवाब देते हुए अमेरिका और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में स्थित मिलिशिया के हथियारों, गोला-बारूद और साजो-सामान के भंडारण वाले कई ठिकानों को हवाई हमलों में नेस्तनाबूद कर दिया। अमेरिका ने इस दौरान कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि IRGC और उसके सहयोगी संगठन ये ड्रोन हमले तुरंत बंद नहीं करते हैं, तो अमेरिका भविष्य में और भी अधिक आक्रामक और बड़ी सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
🛢️ सऊदी अरब के प्रमुख तेल ठिकानों को फिर से बनाया गया निशाना
सऊदी अरब के आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह खुलासा किया कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने लगातार दूसरे दिन इराक की तरफ से छोड़े गए ईरान समर्थित मिलिशिया के कई ड्रोनों को हवा में ही सफलताપૂર્વક गिरा दिया है।
ये तमाम ड्रोन सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में स्थित महत्वपूर्ण तेल सुविधाओं और रिफाइनरियों को निशाना बनाने की फिराक में थे। इससे पहले सोमवार को भी इसी तरह के हमले का गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद, इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियों को इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करने के कड़े आदेश दिए थे।
🛡️ इराकी मिलिशिया का हमलों में संलिप्तता से साफ इनकार
दूसरी ओर, इराकी मिलिशिया संगठनों ने इन ड्रोन हमलों में अपनी किसी भी तरह की भूमिका होने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान समर्थित विभिन्न सशस्त्र समूहों के संयुक्त संगठन 'इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक' ने सऊदी अरब द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठा करार दिया है।
उनका यह कहना है कि सोमवार को सऊदी अरब पर जो हमले हुए थे, वे असल में यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए थे। खुद हूती विद्रोहियों ने भी आगे आकर सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ले ली है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर तेहरान (ईरान) की सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
⚔️ युद्ध विराम के बावजूद मिडिल ईस्ट में जारी है गहरा तनाव
जानकारों के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच इस हफ्ते के अंत में औपचारिक रूप से लड़ाई पर कुछ हद तक विराम लगा दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर तनाव का माहौल अभी भी बहुत ज्यादा बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न देशों के मध्यस्थों ने दोनों देशों को एक बार फिर से कूटनीतिक बातचीत की टेबल पर लाने में कुछ हद तक सफलता जरूर हासिल की है। ईरान ने मंगलवार को यह जानकारी दी थी कि इससे पहले हुए संघर्ष और हमलों के दौरान अमेरिका ने उनके देश का एक मुख्य एयरपोर्ट और एक समुद्री नियंत्रण टावर पूरी तरह से नष्ट कर दिया था। इसके अलावा इस संघर्ष में 12 बड़े पुल और 2 महत्वपूर्ण सुरंगें भी तबाह हो चुकी हैं।
यह पूरा संकट तब और गहरा गया था जब इस बड़े युद्ध के शुरू होने से पहले ही ईरान ने अपने रणनीतिक समुद्री रास्तों को बंद कर दिया था। इस दौरान उसने कई मालवाहक जहाजों (कंटेनर्स) और तेल टैंकरों पर गोलियां चलाई थीं या उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी थीं।
इसी साल जून के महीने में दोनों पक्षों के बीच एक अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी थी, लेकिन उसके तुरंत बाद रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य पर वर्चस्व और कब्जे की जंग को लेकर फिर से लड़ाई भड़क उठी। हालांकि, अमेरिका और इजराइल ने आधिकारिक तौर पर इस साल 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध की शुरुआत की थी, लेकिन हालिया झड़पों में इस मोर्चे पर उनकी सीधी और सक्रिय भूमिका फिलहाल सीमित नजर आ रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)