इंदौर में प्रशासन का बड़ा बुलडोजर एक्शन, 40 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से कराया मुक्त

इंदौर के ग्राम सिरपुर में प्रशासन ने 40 करोड़ की सरकारी जमीन पर बनी अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चलाया है। मुख्य आरोपी पर एफआईआर दर्ज कर मास्टरमाइंड की तलाश जारी है।

Jul 30, 2026 - 11:09
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इंदौर में प्रशासन का बड़ा बुलडोजर एक्शन, 40 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से कराया मुक्त

इंदौर। शासकीय भूमि पर अवैध कॉलोनियां बसाने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने बुधवार को एक बेहद बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्रशासन ने मल्हारगंज तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिरपुर में लगभग 40 करोड़ रुपये बाजार मूल्य की बेशकीमती सरकारी जमीन को पूरी तरह से अतिक्रमण से मुक्त करा लिया है।

प्रशासन की टीम ने मौके पर बुलडोजर चलाकर वहां किए गए सभी अवैध निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस मामले के मुख्य आरोपित अज्जू खां के खिलाफ चंदननगर थाने में गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। वहीं, पूछताछ के दौरान सामने आए इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड जफर खान की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।

🛑 सरकारी जमीन पर बसाई जा रही थी 'न्यू लक्ष्मी नगर' नाम से अवैध कॉलोनी

मल्हारगंज की एसडीएम निधि वर्मा को पुख्ता सूचना मिली थी कि ग्राम सिरपुर के सर्वे क्रमांक 33 की 2.711 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके एक नई कॉलोनी बसाई जा रही है। जब इस मामले की गहराई से जांच की गई, तो यह भूमि अनुसूचित जाति एवं जनजाति (SC/ST) कल्याण विभाग के नाम दर्ज पाई गई।

इसके बावजूद, भूमाफिया अज्जू खां इस सरकारी जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताकर वहाँ 'न्यू लक्ष्मी नगर' के नाम से अवैध कॉलोनी विकसित करने में जुटा हुआ था।

📝 नोटरी के माध्यम से बेचे गए थे 100 से अधिक अवैध प्लॉट

प्रशासनिक जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपित ने सरकारी जमीन के 100 से अधिक छोटे-छोटे प्लॉट काटकर लगभग पाँच लाख रुपये प्रति प्लॉट की दर से सादे कागजों और नोटरी के माध्यम से भोले-भाले लोगों को बेच दिए थे।

प्रारंभिक वित्तीय अनुमान के मुताबिक, आरोपितों द्वारा अब तक पाँच करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा चुका है। इसके अलावा, सर्वे क्रमांक 37/1 की जमीन को भी आरोपित अपनी ही जमीन बताकर बेचने का कुत्सित प्रयास कर रहा था, जबकि उस भूमि पर भी उसका कोई कानूनी स्वामित्व नहीं था।

🚜 बेदखली के आदेश जारी, बुलडोजर चलाकर हटाया गया अतिक्रमण

इस पूरी कार्रवाई के दौरान शासकीय भूमि पर बने टीनशेड के मकानों में अवैध रूप से रह रहीं जरीना बी, बबली और यास्मीन मंसूरी के खिलाफ विधिवत राजस्व प्रकरण दर्ज कर बेदखली के कड़े आदेश जारी किए गए।

इसके बाद राजस्व विभाग, स्थानीय पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने जेसीबी और बुलडोजर की मदद से तमाम अवैध निर्माणों को नेस्तनाबूद कर दिया और इस पूरी बेशकीमती जमीन को अपने आधिकारिक कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

🔍 मास्टरमाइंड जफर खान की तलाश जारी, प्लॉट खरीदारों की भी होगी जांच

चंदननगर पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपित अज्जू खां ने खुलासा किया है कि उसका जीजा जफर खान इस पूरे अवैध कारोबार का मुख्य मास्टरमाइंड है। उसने दलाल जावेद की मदद से ये सभी प्लॉट लोगों को बेचे थे।

पुलिस ने सभी आरोपितों के बैंक खातों की आधिकारिक जानकारी भी तलब कर ली है। प्रशासन अब उन तमाम लोगों की भी सूची तैयार कर रहा है जिन्होंने ये अवैध प्लॉट खरीदे हैं। इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य दलालों और सहयोगियों की भी गहराई से जांच की जाएगी।

⚠️ प्रशासन की दोटूक: सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों पर जारी रहेगी सख्ती

यहाँ यह उल्लेखनीय है कि इससे पहले चार मई को भी जिला प्रशासन ने इसी क्षेत्र में शासकीय भूमि पर की गई फेंसिंग और अस्थायी निर्माणों को हटाया था। इसके बावजूद चेतावनी की अनदेखी कर दोबारा वहाँ अवैध कॉलोनी बसाने का प्रयास किए जाने के मामले में इस बार प्रशासन ने एक साथ एफआईआर, बेदखली और बुलडोजर की संयुक्त कार्रवाई की है।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के अनुरूप जिलेभर में शासकीय जमीनों को हर तरह के अतिक्रमण से मुक्त कराने और अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा कसने का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी व्यक्ति को सरकारी जमीन पर कब्जा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

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