पोर्टल पर अटेंडेंस को लेकर भिड़े स्कूल स्टाफ और शिक्षक, बाबू ने झूठे आरोपों से आहत होकर मांगी इच्छा मृत्यु

अशोकनगर के शासकीय कन्या स्कूल में शिक्षिकाओं, बाबू और प्राचार्य के बीच विवाद गरमा गया है। शिक्षिका ने अभद्रता के आरोप लगाए हैं, तो वहीं बाबू ने इच्छा मृत्यु की मांग की है।

Jul 30, 2026 - 14:57
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पोर्टल पर अटेंडेंस को लेकर भिड़े स्कूल स्टाफ और शिक्षक, बाबू ने झूठे आरोपों से आहत होकर मांगी इच्छा मृत्यु

अशोकनगर: मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिला मुख्यालय पर स्थित शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल वर्तमान में शिक्षा के मंदिर के बजाय एक राजनीतिक अखाड़े में तब्दील होता हुआ नजर आ रहा है। इस स्कूल की शिक्षिकाएं, बाबू और खुद प्राचार्य एक-दूसरे पर गंभीर आरोपों की बौछार करने में जुटे हुए हैं। इस आपसी कलह को देखकर स्थानीय नगरवासी भी यही चर्चा कर रहे हैं कि यह प्रतिष्ठित स्कूल अब आपसी राजनीति की भेंट चढ़ता जा रहा है। इस चल रहे विवाद का सबसे बुरा असर स्कूल में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ रहा है।

👩‍🏫 शिक्षिका ने स्कूल के बाबू पर लगाए गंभीर अभद्रता के आरोप

जहाँ एक तरफ स्कूलों में नौनिहालों का भविष्य गढ़ने के लिए शिक्षक ही बच्चों को मानवता, अनुशासन और एकता का पाठ पढ़ाते हैं, वहीं जब खुद शिक्षक, प्राचार्य और विद्यालय का स्टाफ ही आपस में इस तरह खुलकर वाद-विवाद करने लगे, तो ऐसे में विद्यार्थियों पर इसका क्या मनोवैज्ञानिक असर पड़ेगा, यह एक बड़ा सवाल है।

जिला मुख्यालय के इसी कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहाँ पिछले पांच दिनों से स्कूल परिसर पूरी तरह अखाड़ा बना हुआ है। स्कूल में पढ़ाने वाली टीचर गंगा रघुवंशी ने स्कूल के बाबू जयंत पटेल पर उनके साथ अभद्रता करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही महिला शिक्षिका ने इस पूरे विवाद के पीछे स्कूल के प्राचार्य महेंद्र रघुवंशी की मिलीभगत और स्क्रिप्ट लिखने तक के आरोप जड़े हैं।

📋 पोर्टल पर अनुपस्थिति (Absent) को लेकर शुरू हुआ था पूरा विवाद

कन्या स्कूल की शिक्षिका गंगा रघुवंशी ने बाबू जयंत पटेल पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पोर्टल पर उनकी एक दिन की अनुपस्थिति (अबसेंट) दर्ज हो गई थी, जिसकी सही जानकारी लेने के लिए जब वह बाबू के पास गईं, तो बाबू ने उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया।

इस घटना के बाद उनके द्वारा स्थानीय कोतवाली थाने सहित शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुँचाई गई। इस मामले को लेकर कई शिक्षक एकजुट होकर कलेक्टरेट भी पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।

इसी कड़ी में स्कूल की एक अन्य टीचर देवकी ठाकुर ने भी उनकी दो दिन की सैलरी (वेतन) काटे जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्राचार्य के इशारे पर ही उनकी दो दिनों की सैलरी काटी गई है, जबकि उन्होंने नियमानुसार अवकाश के लिए पहले ही आवेदन किया था। इसके बावजूद उनकी अटेंडेंस काटकर उन्हें प्रताड़ित किया गया, जिसके लिए उन्होंने स्कूल के प्राचार्य और बाबू दोनों को सीधे तौर पर दोषी ठहराया है।

⚠️ निराधार आरोपों से आहत होकर बाबू ने की शासन से 'इच्छा मृत्यु' की मांग

महिला शिक्षिका द्वारा लगाए गए इन تمام आरोपों के ठीक पाँच दिन बाद, स्कूल के बाबू जयंत पटेल ने मीडिया के सामने आकर एक प्रेस वार्ता आयोजित की। उन्होंने अपनी सफाई देते हुए कहा, ''मैं स्कूल में सिर्फ एक सामान्य बाबू के पद पर कार्यरत हूँ। मेरे अधिकार क्षेत्र में न तो किसी की अनुपस्थिति बढ़ाई जा सकती है और न ही घटाई जा सकती है। पोर्टल पर शिक्षिका की जो एक दिन की अबसेंट लगी थी, वह तकनीकी रूप से थी। इसके बाद वह गुस्से में आकर सीधे मेरे पास पहुँची और मुझ पर चिल्लाते हुए अभद्रता करने लगीं।''

उन्होंने आगे कहा कि इसके बावजूद मैंने एक कर्मचारी और महिला का सम्मान करते हुए उनके सामने एक शब्द तक नहीं कहा, लेकिन इसके बावजूद उनके द्वारा लगातार ज्ञापन देकर और सोशल मीडिया के माध्यम से मुझे झूठा बदनाम किया जा रहा है।

मेरे खिलाफ लगातार अनर्गल और अपशब्दों का प्रयोग किया जा रहा है। मेरा स्पष्ट पक्ष यह है कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की जा रही है, इसमें जो भी आधिकारिक निर्णय आएगा, वह मुझे पूरी तरह मान्य होगा। लेकिन उनके द्वारा बनाए जा रहे लगातार मानसिक दबाव से मैं अत्यधिक प्रताड़ित हो चुका हूँ। बाबू जयंत पटेल ने यहाँ तक कह दिया कि यदि मैं पूरी तरह निर्दोष हूँ और उसके बावजूद मुझ पर कोई गलत कार्रवाई की जाती है, तो मैं मजबूर होकर शासन और प्रशासन से 'इच्छा मृत्यु' की मांग करूँगा।

🏛️ प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का इस मामले पर क्या है कहना?

इस पूरे विवादित मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्कूल के प्राचार्य महेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया, ''इस पूरे मामले की किसी भी प्रकार की आधिकारिक शिकायत शिक्षिका द्वारा मुझे व्यक्तिगत रूप से नहीं दी गई है। यह पूरा मामला सीधे जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में है और वही इस पूरे मामले की गंभीरता से जाँच कर रहे हैं। मुझ पर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद हैं।''

इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) मधु शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि, ''कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार इस मामले की जाँच के लिए एक टीम बनाई गई थी, जिसके द्वारा अपनी जाँच पूरी कर ली गई है और विस्तृत जाँच रिपोर्ट कलेक्टर महोदय को प्रस्तुत कर दी गई है।''

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