बड़े तालाब में अवैध मिट्टी भराव पर NGT सख्त, भोपाल नगर निगम और कलेक्टर को जारी किया नोटिस

बड़े तालाब में अवैध मिट्टी भराव और कब्जों को लेकर NGT ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम ने विधायक और रसूखदारों के कब्जों की सूची सार्वजनिक कर दी है।

Jul 30, 2026 - 14:54
0
बड़े तालाब में अवैध मिट्टी भराव पर NGT सख्त, भोपाल नगर निगम और कलेक्टर को जारी किया नोटिस

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की जीवनलाइन माने जाने वाले ऐतिहासिक बड़े तालाब को बचाने के लिए अब राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण यानी NGT ने अपनी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। एनजीटी ने भदभदा क्षेत्र के पास फुल टैंक लेवल (FTL) में डंपरों के माध्यम से किए जा रहे अवैध मिट्टी भराव पर कड़ा संज्ञान लेते हुए भोपाल नगर निगम, जिला कलेक्टर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एप्को (EPCO) को आधिकारिक रूप से कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं दूसरी तरफ, ट्रिब्यूनल की इस कड़ी सख्ती के बाद नगर निगम ने भी बड़े तालाब की संरक्षित जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले रसूखदार विधायकों, पूर्व आईपीएस अधिकारियों और बड़े कारोबारियों के नामों की सूची आखिरकार सार्वजनिक कर दी है।

🛑 अवैध मिट्टी भराव मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

एनजीटी की सेंट्रल बेंच ने बड़े तालाब के एफटीएल क्षेत्र में हो रहे अवैध मिट्टी भराव को एक बेहद गंभीर पर्यावरणीय अपराध माना है। ट्रिब्यूनल का यह स्पष्ट कहना है कि इस तरह की हरकतों से जलाशय के मूल प्राकृतिक स्वरूप और उसमें रहने वाले जलीय जीवों पर बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इस पूरे मामले की निष्पक्ष जमीनी जांच करने के लिए चार सदस्यीय एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है। इस समिति में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB), राज्य वेटलैंड अथॉरिटी और कलेक्टर के प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। यह उच्च स्तरीय समिति आगामी 6 सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट एनजीटी को सौंपेगी, जिसके बाद इस मामले पर अगली सुनवाई अब 28 सितंबर को तय की गई है।

📋 विधायक और रसूखदारों के अवैध कब्जों की सूची हुई सार्वजनिक

आपको बता दें कि पूर्व में रसूखदारों को बचाने के गंभीर आरोपों के बीच अब नगर निगम ने एनजीटी के समक्ष अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। नगर निगम द्वारा ट्रिब्यूनल के सामने पेश की गई इस सूची में बीजेपी विधायक विष्णु खत्री, उनके कई करीबी रिश्तेदारों, पूर्व आईपीएस अधिकारी मैथिलीशरण गुप्त तथा शहर के कई बड़े बिल्डरों और कारोबारियों के नाम शामिल हैं, जिनके इन इलाकों में पक्के निर्माण और मैरिज गार्डन बने हुए हैं।

निगम ने अपनी रिपोर्ट में यह खुलासा किया है कि बड़े तालाब के प्रतिबंधित क्षेत्र में कुल 303 अवैध निर्माणों को चिह्नित किया गया है, जिनमें से अभी तक 246 निर्माण ऐसे हैं जिन पर किसी भी प्रकार की ठोस वैधानिक कार्रवाई नहीं की जा सकी है।

⚖️ कानूनी पेंच और टास्क फोर्स समिति के पाले में गेंद

नगर निगम के अनुसार, इन अवैध निर्माणों में से करीब 15 मामलों में माननीय उच्च न्यायालय (High Court) से स्टे (Stay) मिला हुआ है, जबकि अन्य 53 निर्माणों को 16 मार्च 2022 से पुराना मानकर एक अलग श्रेणी में रखा गया है।

हालांकि, 16 मार्च 2022 से पहले के इन पुराने अवैध कब्जों और निर्माणों पर आगे किस तरह की कार्रवाई की जाएगी, इसका अंतिम फैसला अब एक विशेष रूप से गठित टास्क फोर्स समिति द्वारा लिया जाएगा। नगर निगम के चीफ सिटी प्लानर नीरज आनंद लिखार के अनुसार, ''यह टास्क फोर्स समिति जो भी आधिकारिक निर्णय लेगी, उसी के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, वर्तमान में 16 मार्च 2022 के बाद के नए अवैध कब्जों पर बुलडोजर और कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है, जबकि पुरानी संपत्तियों को लेकर समिति के आगामी निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।''

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User