Bhopal News: भोपाल बनेगा 'ईकाई सिटी' (AI City), उज्जैन में खुलेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस; केंद्र सरकार देगी 10 हजार करोड़

भोपाल बनेगा एजुकेशन, नॉलेज और एआई सिटी। उज्जैन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और डीपटेक रिसर्च पार्क की स्थापना। एमपी में 10 हजार करोड़ के निवेश की तैयारी।

Jun 19, 2026 - 10:14
0
Bhopal News: भोपाल बनेगा 'ईकाई सिटी' (AI City), उज्जैन में खुलेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस; केंद्र सरकार देगी 10 हजार करोड़

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रदेश को एक सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में बड़ी पहल कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भोपाल को 'ईकाई सिटी' (एजुकेशन, नॉलेज एंड एआई सिटी) के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की सहायता राशि प्राप्त होगी।

🎓 अमेरिका की चार यूनिवर्सिटी खोलेंगी अपना अध्ययन परिसर

प्रदेश में तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए सरकार विदेशी विश्वविद्यालयों को आमंत्रित कर रही है। बैठक में जानकारी दी गई कि अमेरिका की चार प्रमुख यूनिवर्सिटी मध्य प्रदेश में अपना अध्ययन परिसर (Campus) खोलने की इच्छुक हैं। इस दिशा में सरकार और संबंधित संस्थानों के बीच समन्वय की प्रक्रिया जारी है, जो प्रदेश में शोध और नवाचार के नए द्वार खोलेगी।

🏛️ उज्जैन में होगा विकास का नया केंद्र

उज्जैन में 'मेडि सिटी', 'साइंस सिटी' और नए इंजीनियरिंग कॉलेज के साथ-साथ एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर एक नई कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके अलावा, उज्जैन में ही 'डीपटेक रिसर्च पार्क' स्थापित करने का प्रस्ताव भी केंद्र को भेजा गया है, जिससे तकनीकी अनुसंधान को और गति मिलेगी।

📈 टेक सेक्टर में निवेश और रोजगार के नए अवसर

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश के टेक सेक्टर में अब तक लगभग 12,500 करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है, जिससे राज्य में करीब 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। इसके अतिरिक्त, 5,892 करोड़ रुपये की मेगा परियोजनाओं के प्रस्ताव अभी पाइपलाइन में हैं। औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है और उन्हें न्यूनतम समय में जमीन आवंटित की जा रही है, ताकि परियोजनाओं को जल्द धरातल पर उतारा जा सके।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User