Jabalpur News: रादुविवि दीक्षांत समारोह की रिहर्सल में हंगामा, राष्ट्रपति के हाथों मेडल न मिलने पर छात्रों का विरोध

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह की रिहर्सल में हंगामा। 66 छात्रों ने किया पंजीयन, लेकिन सिर्फ कुछ को ही राष्ट्रपति से मेडल मिलने पर छात्रों का विरोध।

Jun 19, 2026 - 10:16
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Jabalpur News: रादुविवि दीक्षांत समारोह की रिहर्सल में हंगामा, राष्ट्रपति के हाथों मेडल न मिलने पर छात्रों का विरोध

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविवि) के 36वें दीक्षांत समारोह की रिहर्सल पहले ही दिन हंगामे की भेंट चढ़ गई। 21 जून को राष्ट्रपति के हाथों मेडल पाने की आस में आए विद्यार्थी उस समय बिफर गए, जब उन्हें पता चला कि केवल 20 चुनिंदा छात्रों को ही राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिलेगा। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर भेदभाव और सिफारिश का आरोप लगाते हुए कुलगुरु कार्यालय के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

⚖️ 700 रुपये का शुल्क, फिर भी मेडल से वंचित?

छात्रों का तर्क है कि उन्होंने मेडल पाने के लिए 700 रुपये का पंजीयन शुल्क जमा किया है, इसलिए उन्हें भी राष्ट्रपति के हाथों उपाधि प्राप्त करने का समान अवसर मिलना चाहिए। छात्रों का आरोप है कि पहुंच और सिफारिश के आधार पर सूची तैयार की गई है, जिससे बाकी मेधावी विद्यार्थी महज 'ताली बजाने वाले' बनकर रह गए हैं। वहीं, दीक्षांत समारोह के संयोजक प्रो. एसएस संधु ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति कार्यालय से मेडल वितरण के लिए केवल पांच मिनट का समय निर्धारित है, जिसके चलते सभी को मेडल देना संभव नहीं है।

👗 पोशाक और व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी

केवल मेडल वितरण ही नहीं, बल्कि कार्यक्रम की अव्यवस्थाओं से भी छात्र खासे नाराज दिखे। दूर-दराज से आए कई विद्यार्थियों को ड्रेस कोड और पोशाक (गाउन) लेने की प्रक्रिया के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं दी गई, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दीक्षांत समारोह के लिए कुल 66 विद्यार्थियों ने गोल्ड मेडल के लिए पंजीयन कराया है, जबकि उपाधि, डीलिट और डीएससी के लिए कुल 160 से अधिक विद्यार्थी शामिल होने वाले हैं।

🚫 राष्ट्रपति के आगमन को लेकर 'नो फ्लाइंग जोन' घोषित

राष्ट्रपति के आगमन की सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने विश्वविद्यालय के 15 किलोमीटर के दायरे को 'नो फ्लाइंग जोन' घोषित कर दिया है। यह प्रतिबंध 20 जून की सुबह 10 बजे से 21 जून की रात 10 बजे तक लागू रहेगा। इसमें सदर गैरीसन मैदान भी शामिल है। रादुविवि के कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्रों के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण होता है, और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि कार्यक्रम गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हो।

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