जबलपुर फरिश्ता बनी महिला एसआई नाव चला रहा था बालक महिला एएसआई से मिला और बदल गया जीवन
फरिश्ता बनी एएसआई

जबलपुर फरिश्ता बनी महिला एसआई नाव चला रहा था बालक महिला एएसआई से मिला और बदल गया जीवन
जबलपुर (वाजिद खान) मामला बरगी नगर का है, जहां रहने वाला बालक अभिषेक ने आंठवी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी है। अभिषेक ने 2023-24 में आठवीं की परीक्षा अच्छे अंकों से पास करने के बाद इसलिए छोड़ दी कि आगे की पढ़ाई के लिए उसके पास ना ही स्कूल फीस देने के लिए पैसे है, और ना ही किताब, अभिषेक के पिता ने भी उसकी जिम्मेदारी उठानी की वजह उसे उसकी नानी के पास छोड़कर काम करने दिल्ली चले गए। अभिषेक अभी अपनी बूढ़ी नानी के साथ रह रहा है। स्कूल जाने के बजाए अभिषेक नाव चला रहा था,
गणेश जी विशर्जन के दौरान पड़ी एसआई की नजर
एसआई सरिता पटेल को अभिषेक गणेश विसर्जन के दौरान दिखा, जब वह बरगी बांध में नाव चला रहा था। 12 साल की उम्र में काम करते देख जब उन्होंने अभिषेक से बात की तो उसने पूरी कहानी बता दी। अभिषेक ने बताया कि वह पढ़ना तो चाहता है, पर उसके पिता के पास इतने पैसे नहीं है कि उसकी स्कूल फीस दे सकें, उसके पास ना ही यूनिफार्म है, और ना ही किताब। अभिषेक ने बताया कि उसकी मां और पिता काम करने के लिए नानी के पास छोड़कर दिल्ली चले गए है।
अभिषेक की बात सुनकर स्कूल एडमिशन की ठानी
अभिषेक की बातें सुनकर सरिता पटेल ने शासकीय स्कूल बरगी नगर के प्राचार्य से बात की तो बताया गया कि एडमिशन का पोर्टल बंद हो गया है। एसआई ने भोपाल में अधिकारियों से बात करने की गुजारिश की तो प्राचार्य श्रीकिशन रायखेरे ने वरिष्ठ अधिकारियों को बताया कि एक बालक है जो कि पढ़ाई करना चाहता है, पर स्कूल में उसका एडमिशन नहीं हो पाया है। बच्चे की पढ़ाई को देखते हुए गुरुवार को कुछ देर के लिए पोर्टल खोला गया और फिर अभिषेक का 9वीं कक्षा में एडमिशन हुआ।
अभिभावक की ज़िम्मेदारी निभाई एसआई ने, स्कूल फीस भरी किताबें और गणवेश दिलाया
अभिषेक के माता-पिता बरगी में नहीं थे, ऐसे में स्कूल के प्रवेश फार्म में अभिभावक के साइन होना था, तब यह जिम्मेदारी निभाई सब इंस्पेक्टर सरिता पटेल ने, उन्होंने ना सिर्फ स्कूल में अभिषेक का एडमिशन करवाते हुए फीस जमा की, बल्कि स्कूल यूनिफार्म से लेकर कापी-किताब भी खरीदकर उसे दी। अभिषेक ने कहा कि वह मन लगाकर पढ़ाई करेगा। स्कूल के प्राचार्य का कहना है कि आंठवी कक्षा में वह अच्छे नंबरों से पास हुआ था, आगे नौवीं कक्षा में एडमिशन नहीं लेने की वजह उसने किसी को नहीं बताई थी। बहरहाल नाव चलाने का काम छोड़कर अभिषेक आज से स्कूल जाएगा और नौवीं कक्षा में पढ़ेगा।
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