गुना में स्थित 1000 साल पुराना शिव मंदिर और केदारनाथ धाम, जानिए सावन में क्यों खास हैं ये 3 तीर्थ
सावन के पवित्र महीने में मध्य प्रदेश के गुना स्थित 1000 साल पुराने शिव मंदिर, प्रसिद्ध केदारनाथ धाम और पंचमुखी हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा हुआ है।
गुना: हिंदू धर्म में पवित्र श्रावण मास का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इस पूरे महीने में देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। काफी दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद लेने आते हैं। उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के अलावा मध्य प्रदेश में कई ऐसे प्रसिद्ध मंदिर हैं, जो साल भर श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। गुना जिले में स्थित प्राचीन शिव मंदिर और केदारनाथ धाम दोनों ही अपने धार्मिक महत्व के साथ-साथ अपने अनूठे इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाते हैं। सावन के महीने में इन शिव मंदिरों में भव्य मेलों का आयोजन किया जाता है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो जाता है।
🌊 1 हजार साल पुराना मंदिर, जहां निरंतर गोमुख से बहती है जलधारा
गुना जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर स्थित खेजरा गांव में लगभग 1,000 साल पुराना एक अति प्राचीन शिव मंदिर मौजूद है।
इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह घने जंगलों के बीचों-बीच बसा हुआ है, जहाँ प्राकृतिक रूप से गोमुख से निरंतर जल की धारा बहती रहती है। सावन और महाशिवरात्रि जैसे पावन अवसरों पर यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुँचते हैं।
🕳️ गादेर गुफा: संकीर्ण प्राकृतिक गुफा में विराजे हैं भगवान शिव
यह बेहद प्राचीन शिव मंदिर 'गादेर गुफा' के नाम से भी क्षेत्र में काफी मशहूर है।
यह मंदिर अति प्राचीन होने के साथ-साथ एक प्राकृतिक और काफी संकीर्ण (सँकरी) गुफा के भीतर बना हुआ है। सावन के महीने में इस मंदिर परिसर में पूरे माह धार्मिक मेले का आयोजन किया जाता है, जहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए आते हैं।
🏔️ कतरीले पहाड़ों और जंगलों के बीच बसा गुना का प्राचीन केदारनाथ धाम
गुना शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर बमोरी विधानसभा क्षेत्र में स्थित 'प्राचीन केदारनाथ धाम' में भी साल भर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी रहती है।
महोदरा गांव में कतरीले पहाड़ों और घने जंगलों के बीच बसे इस धाम में सावन के दौरान हजारों भक्त भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं। यह प्रसिद्ध स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक झरनों और पर्यटन की दृष्टि से भी पूरे प्रदेश में जाना जाता है। हालांकि, पिछले 3 सालों से चट्टानों में आई दरारों के कारण सुरक्षा के लिहाज से भक्तों को गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं मिल पा रही है, जिसके चलते इस साल भी श्रद्धालु बाहर स्क्रीन के माध्यम से ही भगवान शिव के दर्शन कर रहे हैं।
💧 200 फीट नीचे गुफा में विराजमान शिवलिंग पर होता है प्राकृतिक जलाभिषेक
केदारनाथ धाम में जमीन से करीब 150 से 200 फीट नीचे बनी एक गुफा में पावन शिवलिंग विराजमान है।
यहाँ आपको लगातार जल की वर्षा देखने को मिलती है, जो प्रकृति का एक अद्भुत चमत्कार माना जाता है। यहाँ शिवलिंग के ऊपर निरंतर प्राकृतिक रूप से जल अभिषेक होता रहता है। सावन के पवित्र महीने में दूर-दूर से कांवड़िया भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए यहाँ पहुँचते हैं। कई श्रद्धालु यहाँ से पवित्र जल लेकर अन्य मंदिरों में जलाभिषेक करने जाते हैं।
📿 पंचमुखी हनुमान मंदिर में प्रतिदिन 18 हजार पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण व विसर्जन
गुना शहर का प्रसिद्ध पंचमुखी हनुमान मंदिर पिछले तीन वर्षों से सावन के दौरान विशेष चर्चा में रहता है।
इसका सबसे बड़ा कारण यहाँ सावन के पूरे महीने चलने वाला पार्थिव शिवलिंग निर्माण अनुष्ठान है। यहाँ प्रतिदिन महिलाओं द्वारा लगभग 18,000 पार्थिव शिवलिंग बनाए जाते हैं, जिनकी विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद विसर्जन किया जाता है और महाआरती का आयोजन होता है।
🌿 धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन और पिकनिक के लिए भी खूबसूरत स्थान
वैसे तो ये सभी स्थल धार्मिक दृष्टि के साथ-साथ प्राकृतिक पर्यटन के लिहाज से भी बेहद खूबसूरत हैं।
यहाँ दूर-दूर से सैलानी दर्शन के साथ-साथ प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने आते हैं। लोग अपने परिवार के साथ यहाँ समय बिताना पसंद करते हैं। इसके अलावा पिकनिक के लिए भी यह जगह काफी पसंदीदा मानी जाती है। यहाँ के प्राकृतिक झरने और चारों तरफ फैली हरियाली इस जगह की सुंदरता में चार चांद लगा देती है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)