Tulsi Gabbard's Shocking Revelation: डॉ. एंथनी फौसी पर लगे वुहान लैब को फंडिंग देने के गंभीर आरोप

पूर्व अमेरिकी खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड का बड़ा दावा। डॉ. एंथनी फौसी पर वुहान लैब को फंडिंग देने और कोरोना की उत्पत्ति के सबूत दबाने का आरोप।

Jun 19, 2026 - 17:20
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Tulsi Gabbard's Shocking Revelation: डॉ. एंथनी फौसी पर लगे वुहान लैब को फंडिंग देने के गंभीर आरोप

वाशिंगटन। अमेरिका की पूर्व राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड ने कोरोना महामारी की उत्पत्ति को लेकर एक बार फिर वैश्विक बहस छेड़ दी है। अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में जारी दस्तावेजों का हवाला देते हुए गबार्ड ने आरोप लगाया है कि पूर्व अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एंथनी फौसी ने चीन की वुहान लैब में वायरस संबंधी अनुसंधान के लिए अमेरिकी धन उपलब्ध कराया था। गबार्ड का दावा है कि कोरोना वायरस के लैब से लीक होने की थ्योरी को दबाने के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को भी गुमराह किया गया।

💰 'गैन-ऑफ-फंक्शन' रिसर्च के लिए दी फंडिंग

तुलसी गबार्ड के अनुसार, डॉ. फौसी ने NIAID के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अमेरिकी टैक्सपेयर्स के लाखों डॉलर वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (WIV) को भेजे थे। आरोप है कि इस धनराशि का इस्तेमाल चमगादड़ों के कोरोना वायरस पर खतरनाक 'गैन-ऑफ-फंक्शन' रिसर्च के लिए किया गया। विशेषज्ञों का एक बड़ा वर्ग लंबे समय से लैब-लीक थ्योरी को महामारी फैलने का मुख्य कारण मानता रहा है। गबार्ड ने यह भी आरोप लगाया कि फौसी ने फार्मा कंपनियों के फायदे और वैक्सीन बाजार को बढ़ावा देने के लिए इस पूरे रिसर्च को प्रमोट किया।

🛡️ खुफिया एजेंसियों को गुमराह करने का आरोप

दस्तावेजों में यह दावा किया गया है कि डॉ. फौसी ने अपने पसंद के वैज्ञानिकों का एक समूह चुना, जिन्होंने रिपोर्ट तैयार की कि वायरस प्राकृतिक रूप से फैला है। गबार्ड का आरोप है कि जो विशेषज्ञ इस निष्कर्ष से असहमत थे, उन्हें जानबूझकर नजरअंदाज किया गया। इसके अलावा, संसद के समक्ष डॉ. फौसी पर झूठ बोलने का आरोप भी लगा है। दस्तावेजों के अनुसार, उन्होंने खुफिया एजेंसियों से संपर्क की बात को नकारा था, जो नए प्रमाणों के सामने आने के बाद संदेहास्पद हो गया है।

⚠️ व्हिसलब्लोअर्स को धमकी और 'डीप स्टेट' की साजिश

गबार्ड के दफ्तर ने खुलासा किया है कि कई व्हिसलब्लोअर्स ने गवाही दी है कि जिन विश्लेषकों ने फौसी की थ्योरी को चुनौती दी, उन्हें करियर बर्बाद करने की धमकी दी गई। तुलसी गबार्ड ने इसे 'डीप स्टेट' (परदे के पीछे से सरकार चलाने वाला तंत्र) की साजिश करार देते हुए कहा है कि सच को वर्षों तक छिपाया गया। इस गंभीर खुलासे के बाद अमेरिका सहित पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है, हालांकि डॉ. एंथनी फौसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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