पन्ना में एक घंटे की मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, घरों में घुसा पानी, ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त
पन्ना के पवई जनपद अंतर्गत कृष्णगढ़ गांव में एक घंटे की बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जल निकासी न होने से गंदा पानी घरों में घुस गया है।
पन्ना: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में शनिवार देर रात महज एक घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने ग्राम पंचायत के विकास और जल निकासी के तमाम दावों की पोल पूरी तरह खोलकर रख दी है। इलाके में जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण जगह-जगह भारी जलभराव हो गया, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। पवई जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले कृष्णगढ़ गाँव में सड़क पर नाले का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर बहने लगा, जिसके चलते दर्जनों लोगों के घरों में पानी घुस गया। इस विकट स्थिति के कारण ग्रामीणों का गृहस्थी का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है और गाँव में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं।
🌊 महज एक घंटे की बारिश से बने बाढ़ जैसे हालात और ठप हुआ आवागमन
महज साठ मिनट की तेज बारिश के कारण कृष्णगढ़ का मुख्य मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो गया। स्थानीय हाई स्कूल के सामने घुटनों तक पानी भर जाने के कारण रास्तों पर आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ गया है। पवई पंचायत क्षेत्र के कई घरों में एक फीट से अधिक पानी भर जाने से हालात बद से बदतर हो गए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि लोगों के घरों में भोजन पकाने और चूल्हा जलाने तक की जगह नहीं बची है। इस कड़ाके की मुसीबत के बीच छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं को पूरी-पूरी रात जागकर रतजगा करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
🏚️ सिस्टम की लापरवाही से त्रस्त ग्रामीण, मंडरा रहा मकान गिरने का खतरा
गाँव के निवासी मोहम्मद रज्जाक ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए बताया, "हमारे घरों में पानी भर चुका है, जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चों को लेकर हमें पड़ोसियों के घरों में शरण लेनी पड़ रही है। घर में खाने-पीने का सामान और चूल्हा जलाने तक की कोई जगह नहीं बची है। यदि एक-दो दिन के भीतर यह पानी नहीं निकला, तो हमारे कच्चे मकान ढह जाएंगे और हम पूरी तरह बेघर हो जाएंगे। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।"
⚠️ ग्रामीणों के गंभीर आरोप और प्रशासन से त्वरित मदद की गुहार
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव में ठेकेदारों और पंचायत द्वारा महज़ कागज़ों पर आधी-अधूरी नालियाँ बनाकर छोड़ दी गईं, और मुख्य जल निकासी का रास्ता भी बंद कर दिया गया। इसी वजह से बारिश का सारा गंदा पानी सीधे लोगों के घरों के अंदर घुस जाता है। लगातार जलभराव की इस स्थिति के चलते अब कच्चे मकानों के ढहने और क्षतिग्रस्त होने का एक बड़ा खतरा लगातार मंडरा रहा है।
स्थानीय निवासी अशोक कुमार तिवारी एवं अन्य पीड़ित ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर धांधली और भारी लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने पवई के जिला और शासन-प्रशासन से पुरजोर माँग की है कि तत्काल प्रभाव से मौके पर टीम भेजकर जल निकासी की सुचारू व्यवस्था कराई जाए और पक्की नालियों का निर्माण किया जाए, ताकि हर बारिश में पैदा होने वाली इस नारकीय और जानलेवा समस्या से उन्हें हमेशा के लिए स्थायी निजात मिल सके।
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