Burhanpur आदिवासी गांव मांडवा में विकास के दावे फेल, जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच रहे बच्चे
देश आजादी के 78 साल पूरे कर चुका है… सरकार गांव-गांव विकास और हर घर सड़क पहुंचाने के दावे कर रही है… लेकिन बुरहानपुर के आदिवासी गांव मांडवा में आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं… यहां बच्चों को स्कूल जाने और मजदूरों को काम पर पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है…
बुरहानपुर जिले के आदिवासी अंचल मांडवा की तस्वीरें विकास के दावों की पोल खोल रही हैं…
गांव में सड़क और सुरक्षित पुलिया नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है…
बारिश के दिनों में पुलिया पानी में डूब जाती है और पूरा गांव मानो दुनिया से कट जाता है…
स्कूल जाने वाले बच्चे उफनते पानी के बीच जान जोखिम में डालकर पुलिया पार करने को मजबूर हैं…
कई बार मजदूरों और ग्रामीणों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं…
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क और पुलिया निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं…
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