मध्य प्रदेश के स्कूलों में अब ऑनलाइन दर्ज होगी छात्रों की हाजिरी, शिक्षा पोर्टल 3.0 पर होगी निगरानी
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की उपस्थिति अब शिक्षा पोर्टल 3.0 पर ऑनलाइन दर्ज होगी। अनुपस्थित रहने वाले बच्चों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
भोपाल: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब केवल शिक्षकों की ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की रोजमर्रा की उपस्थिति पर भी शिक्षा विभाग की सीधी और पैनी नजर रहने वाली है। दरअसल, स्कूलों में बच्चों की लगातार कम होती उपस्थिति की समस्या को गंभीरता से लेते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने यह सख्त कदम उठाया है। इसके तहत अब राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों की रोजाना उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्कूलों को 'शिक्षा पोर्टल 3.0' पर विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही, लंबे समय तक गैरहाजिर रहने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से व्यक्तिगत संपर्क कर उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
📋 सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी किए गए सख्त निर्देश
लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से प्रदेश के सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को आधिकारिक निर्देश जारी कर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग का स्पष्ट मानना है कि विद्यालय में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति का सीधा और सकारात्मक प्रभाव उनकी पढ़ाई, बौद्धिक विकास और वार्षिक परीक्षा परिणामों पर पड़ता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अब स्कूल स्तर पर उपस्थिति की कड़ी निगरानी के साथ-साथ उच्च विभागीय स्तर पर भी इसके आँकड़ों का नियमित विश्लेषण किया जाएगा।
💻 'शिक्षा पोर्टल 3.0' के माध्यम से दर्ज होगी प्रतिदिन की हाजिरी
विभाग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब सभी विद्यार्थियों की उपस्थिति 'शिक्षा पोर्टल 3.0' पर संबंधित संस्था की लॉगिन आईडी के माध्यम से दर्ज की जाएगी। प्रत्येक कक्षा के छात्र-छात्राओं की सेक्शन-वार उपस्थिति दर्ज करने की मुख्य जिम्मेदारी संबंधित कक्षा शिक्षक (Class Teacher) की होगी। शिक्षक पोर्टल पर दिए गए 'स्टूडेंट मैनेजमेंट' विकल्प के अंतर्गत 'स्टूडेंट अटेंडेंस' फीचर का उपयोग कर बच्चों की हाजिरी ऑनलाइन भरेंगे। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक यह तकनीकी सुविधा पोर्टल पर पूरी तरह सक्रिय कर दी गई है।
📊 तीन अलग-अलग श्रेणियों में दर्ज की जाएगी विद्यार्थियों की हाजिरी
इस नई ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था में विद्यार्थियों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए तीन मुख्य श्रेणियाँ निर्धारित की गई हैं, जिनमें उपस्थित (Present), अनुपस्थित (Absent) और ऑन लीव (On Leave) शामिल हैं। इस डिजिटल सिस्टम में डिफ़ॉल्ट रूप से सभी विद्यार्थियों की उपस्थिति 'प्रेजेंट' प्रदर्शित होगी। जो छात्र या छात्राएं उस दिन स्कूल में मौजूद नहीं होंगे, शिक्षकों को उनके नाम के सामने 'एब्सेंट' या 'ऑन लीव' का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद शिक्षक उपस्थिति के इस पूरे विवरण को सुरक्षित (Save) करेंगे।
📞 लगातार गैरहाजिर रहने वाले बच्चों के घर तक पहुँचेगा स्कूल प्रबंधन
शिक्षा विभाग ने यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि इस ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य केवल कागजी आँकड़े जुटाना नहीं है। इसके तहत लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की तुरंत पहचान की जाएगी और उनके माता-पिता या अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन ऐसे बच्चों को नियमित कक्षाओं में वापस लाने के लिए विशेष प्रयास करेगा, ताकि पढ़ाई से उनका जुड़ाव और निरंतरता बनी रहे।
📈 कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के लिए तैयार होगी विशेष शैक्षणिक योजना
शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की उपस्थिति से जुड़े इन डिजिटल आँकड़ों का नियमित विश्लेषण भी करेगा। जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति लगातार कम पाई जाएगी, उनके लिए स्कूल स्तर पर अतिरिक्त कक्षाओं (Extra Classes) और जरूरी शैक्षणिक सहायता प्रदान करने की विशेष योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अब सरकारी स्कूलों में बच्चों की हाजिरी केवल पारंपरिक रजिस्टरों तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)