सीहोर में मूसलाधार बारिश से उफान पर नदी-नाले, श्यामपुर में सबसे ज्यादा 8 इंच से अधिक वर्षा
सीहोर जिले में मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है। श्यामपुर तहसील में सबसे अधिक 8 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
सीहोर। रविवार सुबह से शुरू हुई हल्की रिमझिम बारिश ने सोमवार की रात अचानक बेहद तेज और खतरनाक रफ्तार पकड़ ली। रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण क्षेत्र के तमाम छोटे-बड़े नदी-नाले उफान पर आ गए। इस मानसून सीजन में पहली बार नदी-नालों में इतना तेज और विकराल जलप्रवाह देखने को मिला है। कई गाँवों में पानी भर गया, जबकि कुछ स्थानों पर रास्ते और मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाने के कारण गाँवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है।
घरों और दुकानों के भीतर पानी घुस जाने के कारण आम लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। श्यामपुर क्षेत्र में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश से नदी-नालों का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया, जिससे इलाके में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए। ग्राम बमुलिया में तो कुलांसी नदी अपने उद्गम स्थल से ही भयंकर रूप से उफान पर आ गई।
🌊 गाँवों में बाढ़ जैसे हालात, दर्जनभर गाँवों का टूटा संपर्क
कुलांसी नदी में आए उफान के चलते लगभग एक दर्जन गाँवों का संपर्क मुख्य मार्ग से प्रभावित होने की पुख्ता जानकारी सामने आई है। बैरागढ़ खुमान में रास्ते पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गए, वहीं मुंगावली गाँव में भी घरों और गलियों में पानी भर गया, जबकि चरनाल गाँव में तो चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा था।
चरनाल के ग्रामीणों के अनुसार यह उनके क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी और भयावह बाढ़ जैसी स्थिति है। गाँव के कई घरों में पानी घुस गया, जिससे घरेलू सामान और व्यापारियों की दुकानों में रखा स्टॉक खराब होने के कारण भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से तत्काल प्रभाव से राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की माँग की है।
🏡 दुपाड़िया दांगी गाँव में पानी का बढ़ा स्तर, अच्छी बारिश से रबी सीजन की उम्मीद
दुपाड़िया दांगी गाँव में भी भारी बारिश के बाद एक अनूठा नजारा देखने को मिला, जहाँ उफनती नदी का पानी बढ़कर ग्रामीण मोरसिंह मेवाड़ा के घर के समीप तक पहुँच गया। हालाँकि, इन सबके बीच किसानों और ग्रामीणों का यह भी मानना है कि इस अच्छी और भरपूर बारिश से आगामी रबी सीजन में जल संकट की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी। इस मूसलाधार बारिश से खेतों और भू-जल स्रोतों को भी पर्याप्त पानी मिलने की मजबूत उम्मीद जग गई है।
🧱 रिटर्निंग वॉल ने बचाई सीहोर शहर को बड़ी तबाही से
सीहोर शहर के भीतर भी भारी बारिश के दौरान कई निचले इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति बनी। शहर के बीच से गुजरने वाले सीटू नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बावजूद, मौके पर बनी रिटर्निंग वॉल (Retaining Wall) के कारण शहर को एक बहुत बड़ी राहत मिल गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि यह मजबूत दीवार समय पर न बनी होती, तो नाले का उफनता पानी सीधे लोगों के घरों और शहर की मुख्य गलियों में प्रवेश कर जाता। तेज बहाव के बीच इस दीवार ने पानी को रोकने में बेहद अहम भूमिका निभाई है। स्थानीय निवासी मयंक श्रोत्रिय जैकी ने बताया कि समय पर कराया गया यह निर्माण कार्य आज शहर के लिए वरदान साबित हुआ है।
🧹 जलभराव से सफाईकर्मियों के घरों में घुसा पानी
पूरे शहर को साफ-सुथरा और स्वच्छ रखने वाले सफाईकर्मी भी इस जलभराव की मार से अछूते नहीं रहे। वाल्मीकि कॉलोनी में बारिश का पानी तेजी से घुसकर सफाईकर्मियों के घरों के अंदर तक पहुँच गया, जिससे उनके परिवारों को भारीि परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों से तुरंत मौके पर पहुँचकर पानी की उचित निकासी की व्यवस्था कराने की पुरजोर माँग की है।
🏫 स्कूलों की छुट्टियों के संदेश और सुरक्षा को लेकर निर्देश
लगातार जारी भारी बारिश को देखते हुए सीहोर जिले में स्कूलों की छुट्टियों को लेकर अभिभावकों के मोबाइल फोन पर संदेश पहुँचने शुरू हो गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए आवश्यक और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
⚠️ उफनते नालों को पार करते लोग, प्रशासन की सख्त चेतावनी
लगातार हो रही बारिश के कारण जहाँ एक ओर नदी-नाले पूरी तरह उफान पर हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लापरवाह लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इन तेज बहाव वाले रास्तों को पार करते हुए नजर आए। इस तरह के दृश्य किसी बड़े और गंभीर हादसे को सीधा न्योता दे रहे हैं। जिला प्रशासन और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने सभी से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति उफनती नदी या नाले को पार करने का खतरनाक जोखिम बिल्कुल न उठाए। सावन के दूसरे सोमवार पर हुई इस मूसलाधार बारिश को क्षेत्र के लोग जहाँ एक तरफ प्रकृति की विशेष मेहरबानी मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बाढ़ जैसे हालातों को देखते हुए प्रशासन से सतर्कता बरतने और राहत व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने की लगातार माँग कर रहे हैं।
📊 सीहोर जिले में श्यामपुर रही सबसे आगे, दर्ज की गई 8.27 इंच बारिश
सीहोर जिले में सोमवार को भी बारिश का दौर पूरी ताकत के साथ जारी रहा। भू-अभिलेख विभाग द्वारा 10 अगस्त को जारी आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे जिले में औसतन 3.96 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसमें सबसे अधिक वर्षा श्यामपुर तहसील में रिकॉर्ड की गई, जहाँ अकेले 8.27 इंच बारिश दर्ज हुई है। इसके साथ ही जिला मुख्यालय सीहोर में भी 6.69 इंच भारी वर्षा दर्ज की गई।
तहसीलवार बारिश के इन आँकड़ों पर नजर डालें तो रेहटी में 4.67 इंच, बुधनी में 4.09 इंच, भैरूदा में 3.23 इंच, इछावर में 3.03 इंच, आष्टा में 1.38 इंच और जावर में 0.35 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस लगातार और ताबड़तोड़ बारिश से जिले के तमाम नदी-नाले उफान पर आ चुके हैं। निचले और तटीय इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बनने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिला प्रशासन द्वारा जलभराव और सभी नदी-नालों के जलस्तर पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है।
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