6 साल के मासूम गुल्लू त्रिपाठी हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, मुख्य आरोपी को उम्रकैद
भिंड के मछंड में 2023 के चर्चित 6 वर्षीय एकांश उर्फ गुल्लू त्रिपाठी हत्याकांड में कोर्ट ने मुख्य आरोपी उदित को आजीवन कारावास और उसकी मां को 3 साल की सजा सुनाई है।
भिंड। भिंड जिले के रौन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मछंड कस्बे में वर्ष 2023 में हुए चर्चित 6 वर्षीय मासूम एकांश उर्फ 'गुल्लू त्रिपाठी' हत्याकांड में स्थानीय न्यायालय ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, भिंड के न्यायालय ने इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य दोषी उदित उर्फ गुंडा चौरसिया को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने दोषी पर 20 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। इस मामले में आरोपी की माँ अनीता को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और पाँच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है, जबकि उसके पिता संतोष को पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में न्यायालय द्वारा दोषमुक्त कर दिया गया है।
🎒 ट्यूशन से लौटते समय किया गया था मासूम का अपहरण
यह दर्दनाक घटना 19 अप्रैल 2023 की है। मछंड निवासी सुशील त्रिपाठी का इकलौता 6 वर्षीय बेटा एकांश उर्फ गुल्लू शाम के समय अपने घर के पास ही ट्यूशन पढ़ने के लिए गया था। ट्यूशन का समय समाप्त होने के बाद अन्य सभी बच्चे तो अपने-अपने घर लौट आए, लेकिन गुल्लू अपने घर नहीं पहुँचा।
घबराई हुई माँ अनामिका ने जब साथ पढ़ने वाले अन्य बच्चों से पूछताछ की, तो पता चला कि गुल्लू को आखिरी बार आरोपी उदित के साथ देखा गया था। इसके बाद परिजन तुरंत आरोपी उदित के घर पहुँचे, तो उसने संदिग्ध हालत में अपने घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद कर लिया। जब परिजनों ने तलाश शुरू की, तो आरोपी के घर की दूसरी मंजिल पर रखे एक बड़े कूलर के अंदर से मासूम गुल्लू का शव बरामद हुआ। उसके हाथ-पैर रस्सी से कसकर बंधे हुए थे और मुँह कपड़े से बुरी तरह ठूंसकर बाँधा गया था। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुँचे, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
💸 आईपीएल सट्टे में बड़ी रकम हारने के बाद रची गई थी खौफनाक साजिश
पुलिस की गहन जाँच-पड़ताल में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि मुख्य आरोपी उदित आईपीएल क्रिकेट मैचों में सट्टा खेलने का बेहद आदी था और इस बुरी लत के कारण वह भारी-भरकम रकम हार चुका था। सट्टे में हारी हुई इसी उधारी और रकम की भरपाई करने के लिए ही उसने मासूम गुल्लू के अपहरण की खौफनाक साजिश रची थी।
चूँकि गुल्लू अपने परिवार का इकलौता और लाडला बच्चा था, इसलिए शातिर आरोपी को पूरी उम्मीद थी कि उसे बंधक बनाकर वे मासूम के परिजनों से फिरौती के रूप में एक बहुत बड़ी रकम वसूल कर लेंगे। अपहरण के दौरान जब बच्चे ने रोना शुरू किया, तो उसका मुँह कसकर बाँधने के कारण उसका दम घुट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अपनी करतूत को छुपाने के लिए आरोपी ने मासूम के शव को कूलर के अंदर छिपा दिया था।
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर उदित, उसकी माता अनीता और पिता संतोष के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया था। इस पूरे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक अवधेश चौधरी ने पूरी मजबूती के साथ की, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने दोषियों को सजा सुनाई।
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