ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया के रिहायशी इलाके में दीवार पर आराम फरमाता दिखा तेंदुआ, फैली दहशत
जबलपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया के रिहायशी इलाके में गुरुद्वारे के पास दीवार पर तेंदुआ देखा गया है। वन विभाग ने सर्चिंग शुरू कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
जबलपुर : ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया के अंदर और उसके आसपास के रिहायशी इलाकों में एक बार फिर से खुलेआम तेंदुए की चहलकदमी ने स्थानीय रहवासियों के बीच गहरी दहशत पैदा कर दी है। यहाँ शनिवार की रात एक वयस्क तेंदुआ अचानक रिहायशी कॉलोनी की एक दीवार पर आराम फरमाता हुआ दिखाई दिया। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यह तेंदुआ खमरिया फैक्ट्री से लगे घने जंगलों से भटककर या भोजन की तलाश में आवासीय कॉलोनी की सीमा तक पहुँच गया था। जैसे ही लोगों की नजर इस खूंखार वन्यजीव पर पड़ी, इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी गई।
🌲 वन विभाग के अनुसार इस पूरे क्षेत्र में मौजूद हैं लगभग 35 तेंदुए
वन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों और जानकारों के अनुसार, खमरिया से लगे हुए विशाल जंगल क्षेत्र में करीब 35 तेंदुए निवास करते हैं। ये तेंदुए आम तौर पर इंसानी बस्तियों से दूर रहते हैं और जल्दी से नजर नहीं आते, लेकिन अक्सर भोजन या पानी की तलाश में ये रात के वक्त रिहायशी इलाकों के आसपास पहुँच जाते हैं। शनिवार की देर रात स्थानीय लोगों ने यहाँ बने एक गुरुद्वारे के पास की दीवार पर इस तेंदुए को बड़े आराम से बैठे हुए देखा था। जबलपुर की इस खमरिया फैक्ट्री परिसर के भीतर ही कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए बड़े पैमाने पर क्वार्टर्स बने हुए हैं और यहाँ एक बहुत बड़ी आबादी निवास करती है।
👥 वन विभाग का क्या कहना है? (अधिकारियों के बयान)
इस पूरी घटना पर बात करते हुए वन विभाग के अधिकारी पुनीत सोनकर ने बताया, "इस क्षेत्र के जंगलों में लगभग 35 तेंदुए होने की संभावना है, और ये सभी तेंदुए लंबे समय से इसी प्राकृतिक आवास में रह रहे हैं। यह इलाका इन वन्यजीवों का एक प्रकार से स्थायी ठिकाना बन चुका है। हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में ये किसी को दिखाई नहीं देते हैं। बीती रात एक वयस्क तेंदुआ खमरिया के क्वार्टर्स के पास स्थित गुरुद्वारे की दीवार पर बैठा हुआ देखा गया था, और हैरानी की बात यह थी कि कुछ लोग बिना डरे इसका वीडियो भी बना रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग ने तुरंत अपनी सर्चिंग शुरू कर दी है और तेंदुए की हर गतिविधि पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है।"
⚠️ वन्यजीव विशेषज्ञों की सलाह, लोगों को रहने की जरूरत है सतर्क
वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेंदुए आमतौर पर निशाचर होते हैं यानी वे रात के समय ही बाहर निकलते हैं, और इस इलाके में वे पहले भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं। अक्सर इन तेंदुओं को आवारा कुत्तों का शिकार करते हुए भी देखा गया है, और ऐसी कई डरावनी घटनाएं यहाँ के सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो चुकी हैं।
लेकिन तेंदुए का इस तरह खुली आबादी के बीच दीवार पर आकर बैठना यहाँ के आम नागरिकों और रहवासियों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। इस विषय पर चेतावनी देते हुए वन विभाग के अधिकारी पुनीत सोनकर ने आम जनता से अपील की है कि लोगों को अंधेरे में इन सड़कों से आते-जाते समय पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि कई बार अप्रत्याशित रूप से तेंदुआ राहगीरों पर भी खतरा बन सकता है।
🔍 वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग सक्रिय, तलाश जारी
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग की विशेष टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं, लेकिन तब तक तेंदुआ वहाँ से वापस जंगलों की ओर जा चुका था। अब वन विभाग की टीमें खमरिया फैक्ट्री से जुड़े पूरे जंगली परिसर में कॉम्बिंग और सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, तथा स्थानीय निवासियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल राहत की बात यह है कि जबलपुर के इस रिहायशी क्षेत्र में अब तक किसी भी तेंदुए द्वारा किसी इंसान पर हमला करने की कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।
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