सागर में मिलावटखोरों पर प्रशासन का शिकंजा, पशु चिकित्सालय में पकड़ाया नकली घी
सागर में मिलावट के खिलाफ प्रशासन का अभियान जारी है। पशु चिकित्सालय में नकली घी बेचने का मामला सामने आया है, वहीं खाद्य विभाग ने घी के नमूने जब्त किए हैं।
सागर जिले में खाद्य सामग्रियों और दूध से बने उत्पादों में हो रही मिलावट के खिलाफ प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद मिलावटखोर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। खासकर मावा, दूध, पनीर और घी में मिलावट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और इन पर लगाम कसने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल आगामी रक्षाबंधन के त्योहार को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए दूध और उससे निर्मित अन्य सामानों के नमूने (सैंपल) लगातार एकत्र किए जा रहे हैं।
🐮 संभागीय पशु चिकित्सालय में घी बेचने के नाम पर स्टाफ को दिया धोखा
सागर के संभागीय पशु चिकित्सालय में घी बेचने पहुँचे एक व्यक्ति द्वारा वहाँ के स्टाफ को मूर्ख बनाने का मामला सामने आया है। बेचे गए घी पर मिलावट का गहरा शक होने पर यह मामला अंततः पुलिस तक पहुँच गया है। पशु चिकित्सालय में कार्यरत डॉक्टरों और अन्य स्टाफ ने मोतीनगर थाने में इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है।
दर्ज शिकायत में आमेत गाँव के रहने वाले जितेन्द्र घोषी के बारे में बताया गया है कि, "यह व्यक्ति हमारे स्टाफ को दो-दो किलो शुद्ध देसी घी बताकर 600 रुपये प्रति किलो की दर से बेचकर गया है।" स्टाफ द्वारा इस पूरी गतिविधि की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करा ली गई है। यह व्यक्ति आमतौर पर पशुओं के इलाज के सिलसिले में पशु चिकित्सालय आता-जाता रहता है और इसी पहचान का फायदा उठाकर वह वहाँ के कर्मचारियों को सौ प्रतिशत शुद्ध घी होने का झाँसा देकर चला गया।
🔍 खाद्य सुरक्षा विभाग की औचक कार्रवाई, कृष्णा एंटरप्राइजेस से घी के नमूने जब्त
जिले भर में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का दल लगातार औचक निरीक्षण और जब्ती की कार्रवाई को अंजाम दे रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी शीतल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार की रात तुलसीनगर वार्ड के मल्लापुरा स्थित 'कृष्णा एंटरप्राइजेस' फर्म का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान इस फर्म से 'गोवर्धन प्योर काऊ घी' (Gowardhan Pure Cow Ghee) का आधिकारिक नमूना लिया गया। मिलावट के पुख्ता संदेह के आधार पर 500 मिलीलीटर के कुल 36 जार (यानि कुल 18 लीटर घी) मौके पर जब्त कर उन्हें सील कर दिया गया है। विभाग द्वारा इन सभी जब्त नमूनों को जाँच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है, ताकि रिपोर्ट आने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
💡 घर पर कैसे करें असली और नकली घी की आसान पहचान?
बाजार में बिक रहे मिलावटी सामान के बीच असली और नकली घी की पहचान करना बहुत आसान है। थोड़ी सी सूझबूझ से आप शुद्धता की परख कर सकते हैं:
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पानी का परीक्षण: एक कांच के साफ गिलास में पानी लें और उसमें एक चम्मच घी डालें। शुद्ध घी हमेशा पानी की सतह पर तैरता रहता है, जबकि नकली या मिलावटी घी भारी होने के कारण पानी में नीचे बैठ जाता है।
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हथेली का परीक्षण: थोड़ा सा घी अपनी हथेली पर रखें। असली देसी घी शरीर की प्राकृतिक गर्मी से कुछ ही सेकंड में पूरी तरह पिघल जाता है, जबकि नकली घी या डालडा/वनस्पति मिलने पर वह इतनी आसानी से नहीं पिघलता।
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गर्म करके परखना: घी को हल्का गर्म करके भी इसकी शुद्धता जाँची जा सकती है। असली घी तुरंत पिघलकर हल्के सुनहरे रंग का हो जाता है और उससे बेहतरीन खुशबू आती है, जबकि मिलावटी घी में अजीब सी गंध आ सकती है।
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