मैहर में फॉल्ट ठीक करने गए लाइनमैन को घर में बंद कर पीटा, वीडियो वायरल होने पर 3 पर FIR
मैहर के हरदासपुर गांव में फॉल्ट ठीक करने गए बिजली कर्मचारी को घर में बंद कर बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। पुलिस ने 3 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
मैहर जिले के हरदासपुर गांव में बिजली सप्लाई बंद होने पर फॉल्ट ठीक करने पहुँचे एक लाइनमैन के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। बिजली गुल होने से गुस्साए लोगों ने कर्मचारी को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और उसकी जमकर पिटाई की। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों और बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। पीड़ित कर्मचारी ने इस मामले की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
🛑 गाली-गलौज का विरोध करने पर दबंगों ने की मारपीट
इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तीन लोग बिजली कर्मचारी के साथ मारपीट करते हुए साफ नजर आ रहे हैं। वीडियो के साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मामले की गहराई से जाँच कर रही है।
पीड़ित लाइनमैन नरेंद्र सिंह ने मैहर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया, "गाँव में बिजली सप्लाई बंद होने के कारण मैं सुधार कार्य और मरम्मत करने गया था। इस दौरान एक उपभोक्ता ने मेरे साथ अभद्रता करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। जब मैंने इसका विरोध किया, तो तीन लोगों ने मुझे पकड़कर एक घर के अंदर बंद कर दिया और बेरहमी से पीटा। इसके बाद मुझे घर से बाहर खींचकर भी जमकर पीटा गया।"
⚖️ पुलिस ने 3 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में दर्ज किया केस
मैहर पुलिस थाने के एसआई (SI) संतोष उलाड़ी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हरदासपुर अहिराटोला क्षेत्र में 11 केवी लाइन का जंफर ठीक करने गए लाइनमैन के साथ मारपीट की यह घटना हुई है। पीड़ित की शिकायत और सामने आए वीडियो के आधार पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(A), 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
⚠️ बिजली कर्मचारियों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
इस घटना के सामने आने के बाद बिजली कंपनी के कर्मचारियों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। कर्मचारियों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि मुख्य आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। कर्मचारियों का कहना है कि यदि ग्रामीण इस तरह का अमानवीय और हिंसक व्यवहार करेंगे, तो सुरक्षा के अभाव में कोई भी कर्मचारी जान जोखिम में डालकर किसी भी गांव में फॉल्ट सुधारने कैसे जाएगा? कर्मचारियों ने यह भी बताया कि यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि अक्सर इस तरह की घटनाओं का सामना मैदानी स्तर के बिजली कर्मियों को करना पड़ता है।
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