सेंधवा श्रीमद्भागवत कथा में धूमधाम से मनाया गया कृष्ण जन्मोत्सव, कान्हा बने बच्चों ने मोहा मन

सेंधवा की श्रीमद्भागवत कथा में चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कान्हा बने बच्चों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। स्वामी प्रेमनंदनदास जी ने संस्कार और गुरु महिमा पर प्रकाश डाला।

Jun 7, 2026 - 19:32
 0
सेंधवा श्रीमद्भागवत कथा में धूमधाम से मनाया गया कृष्ण जन्मोत्सव, कान्हा बने बच्चों ने मोहा मन

श्रीमद्भागवत कथा में धूमधाम से मनाया गया कृष्ण जन्मोत्सव, कान्हा बने बच्चों ने मोहा मन

सेंधवा। तिरुपति कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में सजाकर कथा स्थल पहुंचीं। पूरे पांडाल में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

कथा के दौरान व्यासपीठ पर विराजित स्वामी प्रेमनंदनदास जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को दुनिया के सामने अपने दुखों का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। यदि रोना है तो भगवान और गुरु के सामने रोना चाहिए तथा उन्हीं से अपने मन की बात कहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चा गुरु वही होता है जो भगवान से मिलन कराए और जीव को भवसागर से पार लगाने का मार्ग दिखाए।

महाराज ने ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि जिस प्रकार ध्रुव की माता ने उन्हें श्रेष्ठ संस्कार दिए थे, उसी प्रकार आज की माताओं को भी अपने बच्चों में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण करना चाहिए। केवल उच्च शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे संस्कार भी आवश्यक हैं जो बच्चों को सद्मार्ग पर चलने और माता-पिता की सेवा करने की प्रेरणा दें।

कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का अलौकिक प्रसंग सुनाया गया। महाराज ने बताया कि मध्यरात्रि में जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, तब कंस के कारागार में दिव्य प्रकाश फैल गया, बेड़ियां स्वयं खुल गईं और पहरेदार गहरी नींद में सो गए। उसी समय भगवान नारायण माता देवकी के समक्ष अपने चतुर्भुज स्वरूप में प्रकट हुए।

कृष्ण जन्मोत्सव के आयोजन में वासुदेव जी के स्वरूप में एक भक्त टोकरी में बाल कृष्ण को लेकर मंच पर पहुंचे। जैसे ही बाल कृष्ण का आगमन हुआ, पूरा पांडाल "नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" और "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" के जयघोष से गूंज उठा। महिलाएं, पुरुष और बच्चे भक्ति में झूम उठे।

इसके बाद मटकी फोड़ कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा बच्चों को चॉकलेट, खिलौने और गुब्बारे वितरित किए गए। अंत में सभी श्रद्धालुओं को माखन-मिश्री और लस्सी का प्रसाद वितरित किया गया।

आयोजन समिति के निलेश जैन ने बताया कि 9 जून को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा की पूर्णाहुति होगी। इस दिन कथा का समय शाम 6 बजे से 8 बजे तक रहेगा, जिसके बाद पूर्णाहुति एवं महाप्रसादी (भंडारा) का आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर राजेंद्र रघुवंशी, अनिल वाद्य, कमल गुले, हिमांशु परसाई, भावेश वसानी, सतीश वाद्य, अमित व्यास, दीपक लालका, प्रवीण सोनी, विजय जैन, अशोक जैन, कीर्तिकांत गांधी, कमलेश पालीवाल, सचिन पाटिल, नितिन शर्मा, सोनू कानूनगो, योगेश मंडलोई, गजेंद्र गुप्ता, लवजी चावड़ा, महेश मित्तल, मुकेश मित्तल, राजेश सिंघानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow