जबलपुर में लूट की सनसनीखेज वारदात: वसूली कर लौट रहे युवक की आंखों में मिर्च झोंककर लुटेरों ने छीने ₹2 लाख
जबलपुर के माढ़ोताल में वसूली कर लौट रहे युवक से ₹2 लाख की लूट। वहीं, आरपीएफ ने 12 साल से फरार एक स्थायी वारंटी को महाराष्ट्र के वन क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
जबलपुर। माढ़ोताल थाना क्षेत्र में लूट की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इंदौर से वसूली के लिए जबलपुर आए एक युवक और उसके साथी की आंखों में बदमाशों ने मिर्च पाउडर झोंक दिया और दो लाख रुपये से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने रविवार को मामला दर्ज कर आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।
मूलतः बिहार के मीरगंज निवासी अभय कुमार सिंह (25) इंदौर की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। वह अपने मित्र लखन चौरसिया के साथ वसूली के सिलसिले में जबलपुर आए थे। दोनों मझौली पहुंचे, जहाँ उन्होंने वीरेंद्र कुमार नेमा से उधारी के दो लाख रुपये प्राप्त किए। रुपये लेने के बाद वे पाटन बायपास पहुंचे। इसी दौरान अभय के मित्र पीयूष ने एक अज्ञात युवक को कुछ सामान देकर उनके पास भेजा। सामान मिलने के बाद अभय ने उसे रुपयों वाले बैग में रख लिया।
वह युवक स्वयं को आइएसबीटी (ISBT) की ओर जाने वाला बताकर अभय और लखन को अपनी मोटरसाइकिल पर लिफ्ट देने की बात कही। कुछ दूर चलने के बाद मोपेड सवार तीन बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और उनकी आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। इससे मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। बदमाशों ने चाकू की नोक पर अभय से दो लाख रुपये से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए।
आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई: 12 वर्षों से फरार स्थायी वारंटी महाराष्ट्र के वन क्षेत्र से गिरफ्तार
दूसरी ओर, रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने लंबे समय से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी जगन यादव (38), महाराष्ट्र के जलगांव जिले के चालीसगांव थाना क्षेत्र के ग्राम वोदरे का निवासी है। उसके खिलाफ रेलवे न्यायालय ने स्थायी वारंट जारी किया था।
आरोपी पिछले 12 वर्षों से लगातार अपना स्थान बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब के निर्देश पर एक टीम ने महाराष्ट्र में उसके निवास पर दबिश दी। आरोपी बंजारा समुदाय से संबंधित होने के कारण लगातार ठिकाने बदल रहा था। टीम ने जाल बिछाकर और रेकी करने के बाद उसकी लोकेशन महाराष्ट्र के नानगांव के पास स्थित वन क्षेत्र में खोजी, जो उसके घर से लगभग 80 किलोमीटर दूर था। घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान एवं जबलपुर लाते समय आरोपी ने कई बार पुलिस दल को चकमा देकर भागने का प्रयास किया, किन्तु वह विफल रहा। सोमवार को उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस सफल गिरफ्तारी टीम में उप निरीक्षक अरविंद कुमार सिंह, प्रधान आरक्षक जितेंद्र तिवारी और आरक्षक सूर्यनाथ यादव शामिल थे।
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