MP राज्यसभा चुनाव: मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के बीच कांग्रेस को बड़ा झटका, वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने दिया इस्तीफा
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव के बीच कांग्रेस में इस्तीफों का दौर। नरेश ज्ञानचंदानी ने पार्टी छोड़ी। कांग्रेस ने विधायकों को एकजुट रखने के लिए तेलंगाना-कर्नाटक भेजने की बनाई रणनीति।
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच कांग्रेस पार्टी में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्यसभा के लिए मीनाक्षी नटराजन द्वारा नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद, हुजूर विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे नरेश ज्ञानचंदानी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। 37 वर्षों तक पार्टी में सक्रिय रहने के बाद उनके इस निर्णय ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। बताया जा रहा है कि राज्यसभा का टिकट न मिलने के कारण वे पार्टी नेतृत्व से खासे नाराज थे।
मीनाक्षी नटराजन ने भरा नामांकन, कांग्रेस ने दिखाया एकजुटता का चेहरा
सोमवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की मौजूदगी में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने विधानसभा स्थित निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान कांग्रेस ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। नामांकन दाखिल करने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा का असली चेहरा सबके सामने आ गया है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा पर 'हॉर्स ट्रेडिंग' (विधायकों की खरीद-फरोख्त) का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी 500% यह चुनाव जीतेगी।
विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति, दूसरे राज्यों में हो सकती है शिफ्टिंग
राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अपने विधायकों को किसी भी तरह की सेंधमारी से बचाने की तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अपने विधायकों को प्रदेश से बाहर तेलंगाना और कर्नाटक भेजने की तैयारी कर रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि पार्टी हर स्थिति के लिए तैयार है। आरिफ मसूद सहित अन्य विधायकों के दिल्ली और उसके बाद अन्य राज्यों में जाने की संभावना जताई जा रही है।
भाजपा पर संपर्क साधने का आरोप, नेताओं में बढ़ी चिंता
तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने भी दावा किया है कि उन्हें ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि भाजपा उनके विधायकों से संपर्क साधने का प्रयास कर रही है। हालांकि, पार्टी के सभी नेता आधिकारिक तौर पर एकजुटता का दावा कर रहे हैं। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या का आरोप लगाया है। फिलहाल, कांग्रेस का पूरा ध्यान अपने विधायकों की बाड़बंदी और मतदान के दिन तक उनकी एकजुटता बनाए रखने पर केंद्रित है।
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