विश्व हाथी दिवस पर उमरिया में हाथियों का विशेष आयोजन, राम और सूर्या बने बच्चों के आकर्षण का केंद्र

विश्व हाथी दिवस के अवसर पर उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। पालतू हाथी राम और सूर्या ने बच्चों का मन मोह लिया।

Aug 12, 2026 - 19:56
0
विश्व हाथी दिवस पर उमरिया में हाथियों का विशेष आयोजन, राम और सूर्या बने बच्चों के आकर्षण का केंद्र

मध्य प्रदेश का विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) सिर्फ अपनी बाघों की मौजूदगी के लिए ही देश-विदेश में नहीं जाना जाता, बल्कि यहाँ के हाथियों का कुनबा भी इस जंगल को एक अलग पहचान दे रहा है। हाल ही में 'विश्व हाथी दिवस' के अवसर पर बांधवगढ़ में हाथियों के संरक्षण और मानव-हाथी सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ताला परिक्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान पार्क के दो लोकप्रिय और प्रशिक्षित हाथी—'राम' और 'सूर्या' ने वहां मौजूद सभी लोगों का विशेष रूप से ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

🍬 स्कूली बच्चों के लिए कौतूहल का विषय बने हाथी, खिलाए गन्ने और फल

इस विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे स्कूली बच्चों के लिए राम और सूर्या जैसे विशालकाय हाथियों से मिलना किसी रोमांचक कौतूहल से कम नहीं था। अपने सामने इतने बड़े जीवों को देखकर बच्चों की उत्सुकता और खुशी देखते ही बन रही थी। बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ इन हाथियों को अपने हाथों से गन्ने और ताजे फल खिलाए। हाथियों के इतने करीब जाकर उन्हें नजदीक से देखने और उनके साथ वक्त बिताने का यह अनुभव बच्चों के लिए हमेशा-हमेशा के लिए एक यादगार पल बन गया।

🎯 वन्यजीव निगरानी और रेस्क्यू ऑपरेशन में होती है प्रशिक्षित हाथियों की अहम भूमिका

इस अनूठी पहल को लेकर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि बच्चों की हाथियों से इस मुलाकात के पीछे केवल मनोरंजन का भाव नहीं, बल्कि इसके जरिए एक बहुत बड़ा संदेश देने का प्रयास किया गया है। वन विभाग ने बच्चों और पर्यटकों को समझाया कि जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र में हाथियों का अपना एक विशिष्ट महत्व है और वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में इंसानी दखलंदाजी को कम से कम रखा जाना चाहिए। क्षेत्रीय संचालक ने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि पालतू हाथी राम और सूर्या बच्चों और पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं, लेकिन इस घने जंगल में उनकी उपयोगिता और भूमिका सबसे अहम है। इन प्रशिक्षित हाथियों का इस्तेमाल दिन-प्रतिदिन की वन्यजीव निगरानी, कठिन और दुर्गम इलाकों में बाघ-तेंदुओं की ट्रैकिंग करने तथा जरूरत पड़ने पर आपातकालीन रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने में किया जाता है।

📚 बच्चों के जरिए समाज में फैलेगी जागरूकता, आयोजित की गईं प्रतियोगिताएं

प्रशासन का मानना है कि यदि कम उम्र में ही बच्चों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए, तो वे आगे चलकर अपने परिजनों, अभिभावकों और आसपास के ग्रामीणों को भी इसके प्रति प्रेरित करेंगे, जिससे हाथियों के संरक्षण में समाज का पूरा सहयोग मिल सकेगा। इसी कड़ी में स्कूली विद्यार्थियों को हाथियों के जीवन पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्में दिखाई गईं और साथ ही उनकी जानकारी बढ़ाने के लिए क्विज प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। इस प्रकार के आयोजनों से नई पीढ़ी में प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो रही है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User