नरसिंहपुर: मध्य प्रदेश का 'शुगर बाउल', जहां से आता है राज्य का 80% गन्ना और विश्व प्रसिद्ध करेली गुड़
नरसिंहपुर को कहते हैं मध्य प्रदेश का 'चीनी का कटोरा'। जिले में राज्य का 80% गन्ना उत्पादन होता है। जानिए कैसे करेली गुड़ ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिला अपनी उपजाऊ नर्मदा घाटी की काली मिट्टी और परिश्रमी किसानों की बदौलत कृषि क्षेत्र में एक सुनहरी इबारत लिख रहा है। गन्ने की रिकॉर्ड पैदावार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर बेजोड़ गुड़ के कारण इस जिले को 'मध्य प्रदेश का चीनी का कटोरा' (Sugar Bowl of MP) कहा जाता है। यहां की आबोहवा गन्ने की मिठास को पूरी दुनिया में फैला रही है, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को नई पहचान मिली है।
गन्ना उत्पादन में राज्य में अग्रणी
नरसिंहपुर जिला गन्ना उत्पादन के मामले में पूरे मध्य प्रदेश में शीर्ष पर है। एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि राज्य के कुल गन्ना उत्पादन का लगभग 65 से 80 प्रतिशत हिस्सा अकेले इसी जिले के खेतों से आता है। गन्ने की यह बंपर पैदावार जिले की आर्थिक रीढ़ को मजबूती प्रदान कर रही है और हजारों किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठा रही है।
'एक जिला, एक उत्पाद' (ODOP) में शामिल करेली का गुड़
जिले का करेली क्षेत्र अपने औषधीय गुणों, शुद्धता और अनोखे स्वाद के लिए न केवल देश में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मशहूर है। इसकी इसी विशेषता को देखते हुए भारत सरकार ने इसे 'एक जिला, एक उत्पाद' (ODOP) योजना के अंतर्गत शामिल किया है। इससे स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।
चीनी और खांडसारी उद्योग का ढांचा
नरसिंहपुर में चीनी और गुड़ का उत्पादन अब कुटीर उद्योग से बढ़कर एक विशाल व्यापारिक रूप ले चुका है। जिले में उद्योग की वर्तमान स्थिति निम्नलिखित है:
| औद्योगिक घटक | वर्तमान स्थिति | मुख्य प्रभाव एवं लाभ |
| गुड़ और खांडसारी इकाइयाँ | 3 हजार से अधिक पारंपरिक कोल्हू और स्वचालित संयंत्र सक्रिय | स्थानीय रोजगार और पारंपरिक तकनीकों का समावेश |
| चीनी मिलों का नेटवर्क | 2500 से 3 हजार टन प्रतिदिन क्रशिंग क्षमता | किसानों को फसल का सही दाम और आत्मनिर्भरता |
| गन्ने की उन्नत किस्में | CO 0238, CO 86032 और CO 92005 प्रमुख | रस की अधिक मात्रा और उच्च गुणवत्ता |
वैश्विक मंडियों में करेली गुड़ की धाक
करेली की गुड़ मंडी आज देश की सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक मंडियों में से एक है। यहाँ तैयार होने वाला विशिष्ट गुड़ महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी निर्यात किया जाता है। अपनी अद्भुत मिठास और गुणवत्ता के दम पर नरसिंहपुर का किसान आज वैश्विक मानचित्र पर मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ा रहा है।
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