भोपाल साइबर फ्रॉड: नर्स का मोबाइल हैक कर खाते से उड़ाए 1 लाख रुपये, पुलिस जांच में जुटी
भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का मामला। नर्स का मोबाइल फोन हैक कर खाते से 1 लाख रुपये निकाले। पुलिस ने ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर शुरू की जांच।
भोपाल। राजधानी में साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। पिपलानी थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में कार्यरत नर्स का मोबाइल फोन हैक कर ठगों ने उनके बैंक खाते से एक लाख रुपये पार कर दिए। मामले में साइबर पोर्टल पर दर्ज 'ई-जीरो एफआईआर' के आधार पर पिपलानी पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुआ अपराध? प्राथमिक जांच के खुलासे
पुलिस के अनुसार, सिद्धार्थ लेक सिटी कॉलोनी निवासी 48 वर्षीय कृष्णा वर्मा पेशे से नर्स हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि 30 मई को उनके मोबाइल में अचानक तकनीकी गड़बड़ी होने लगी थी। कुछ ही समय बाद उन्हें पता चला कि उनके बैंक खाते से एक लाख रुपये की बड़ी राशि निकल चुकी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह आशंका है कि ठगों ने किसी संदिग्ध 'एपीके' (APK) फाइल के जरिए पीड़िता के मोबाइल का एक्सेस हासिल किया होगा।
साइबर अपराधियों का रिमोट एक्सेस और सुरक्षा के उपाय
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, अपराधी अक्सर एपीके फाइल भेजकर मोबाइल का 'रिमोट एक्सेस' (Remote Access) हासिल कर लेते हैं। इसके बाद वे बैंकिंग और यूपीआई संबंधी संवेदनशील जानकारी चुराकर खातों को खाली कर देते हैं। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है कि किसी भी अनजान लिंक या फाइल को न खोलें, क्योंकि यह आपके मोबाइल और बैंक खाते की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़िता की शिकायत के बाद साइबर पोर्टल पर दर्ज की गई ई-जीरो एफआईआर को पिपलानी थाने भेजा गया, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर लिया है। अब पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की मदद से ठगों की पहचान करने और रकम वापस दिलाने का प्रयास कर रही है। शहर में बढ़ते साइबर अपराधों के चलते प्रशासन ने नागरिकों से ऑनलाइन लेन-देन और मोबाइल सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
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