सोने की बढ़ती कीमतों के बीच चमके बैंक, तीन साल में 1.40 लाख करोड़ पहुंचा पोर्टफोलियो
दक्षिण भारत के पांच प्रमुख प्राइवेट बैंकों का कुल गोल्ड लोन पोर्टफोलियो तीन साल में दोगुना होकर 1.40 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। जानिए इसकी पूरी डिटेल।
दक्षिण भारत में सोने के प्रति लोगों का गहरा लगाव और आकर्षण इस क्षेत्र पर फोकस करने वाले बैंकों की वित्तीय स्थिति में साफ तौर पर नजर आ रहा है। सोने की लगातार बढ़ती कीमतों और सुरक्षित ऋण (सिक्योर्ड लोन) की बढ़ती मांग के बीच, प्राइवेट सेक्टर के पांच प्रमुख बैंकों ने महज तीन साल के भीतर अपने कुल गोल्ड-लोन पोर्टफोलियो को लगभग दोगुना कर लिया है। बैंकों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, फेडरल बैंक, सीएसबी बैंक, साउथ इंडियन बैंक, करूर वैश्य बैंक और सिटी यूनियन बैंक का कुल गोल्ड-लोन पोर्टफोलियो जो जून 2023 में 73,248 करोड़ रुपए था, वह 91.2 फीसदी की भारी बढ़ोतरी के साथ जून 2026 तक बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।
💰 हालिया वर्षों में रिकॉर्ड तेजी, सालाना कंपाउंड ग्रोथ रेट रही 24%
गोल्ड लोन के इस कारोबार में हाल के वर्षों में अभूतपूर्व तेजी देखने को मिली है। इन पांचों बैंकों ने अकेले जून 2025 से जून 2026 के बीच अपने पोर्टफोलियो में 36,986 करोड़ रुपए जोड़े हैं—जो कि पिछले दो वर्षों में कुल मिलाकर जोड़े गए 30,162 करोड़ रुपए से भी काफी ज्यादा है। हालांकि इस साल जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने की कीमतों में थोड़ी नरमी आई है, फिर भी 2023 की शुरुआत से अब तक कीमतें दोगुनी से अधिक हो चुकी हैं। इन तीन वर्षों की बढ़ोतरी का हिसाब लगाया जाए तो सालाना कंपाउंड ग्रोथ रेट (CAGR) लगभग 24 फीसदी रही है। दक्षिण भारत के बैंकों को पारंपरिक रूप से घने ब्रांच नेटवर्क, ग्राहकों के पुराने संबंधों और गहनों के मूल्यांकन (अंडरराइटिंग) का लंबा अनुभव होने का बड़ा फायदा मिला है।
🏆 CSB बैंक और फेडरल बैंक ने मारी बाजी, सबसे आगे रहे ये संस्थान
इन पांचों बैंकों में CSB बैंक की ग्रोथ सबसे तेज और शानदार रही है। तीन साल की अवधि में इस बैंक का पोर्टफोलियो 10,065 करोड़ रुपए से बढ़कर 21,906 करोड़ रुपए हो गया, जो दोगुने से भी अधिक है। वर्तमान में गोल्ड लोन इस बैंक के कुल ग्रॉस एडवांसेज का लगभग 54 फीसदी हिस्सा है। वहीं, फेडरल बैंक का पोर्टफोलियो दोगुना होकर 41,476 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है, जिससे यह इस समूह का सबसे बड़ा गोल्ड लेंडर बन गया है। इसके अलावा करूर वैश्य बैंक (31,368 करोड़ रुपए), साउथ इंडियन बैंक (24,930 करोड़ रुपए) और सिटी यूनियन बैंक (20,715 करोड़ रुपए) ने भी अपने पोर्टफोलियो में जबरदस्त इजाफा दर्ज किया है।
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