कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 401 करोड़ रुपए के जीएसटी नॉन-काम्प्लायंस का खुलासा, CAG रिपोर्ट में बड़ा दावा

CAG की नई रिपोर्ट में वर्क्स कांट्रैक्ट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 401 करोड़ रुपए से अधिक के जीएसटी नॉन-काम्प्लायंस का खुलासा हुआ है। जानिए पूरी रिपोर्ट की मुख्य बातें।

Aug 13, 2026 - 12:59
0
कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 401 करोड़ रुपए के जीएसटी नॉन-काम्प्लायंस का खुलासा, CAG रिपोर्ट में बड़ा दावा

कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) ने वर्क्स कांट्रैक्ट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 401.42 करोड़ रुपए से जुड़े जीएसटी नॉन-काम्प्लायंस के कुल 1,334 मामलों का पर्दाफाश किया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम ड्यूटीज (CBIC) ने इनमें से 903 मामलों में 268.36 करोड़ रुपए की टिप्पणियों को स्वीकार कर लिया है और अब तक 15.88 करोड़ रुपए की वसूली भी कर ली है। राजस्व विभाग पर कैग की यह रिपोर्ट (मार्च 2024 को समाप्त अवधि के लिए) बुधवार को संसद में पेश की गई, जिसमें टैक्सपेयर्स और जीएसटी विभागों के रिकॉर्ड की गई व्यापक जांच के निष्कर्ष साझा किए गए हैं।

⚠️ टैक्स छूट के गलत दावे और रिकॉर्ड हासिल करने में मुश्किलें

कैग ऑडिटर्स ने अपनी जांच के दौरान पाया कि मुख्य समस्याओं में सड़कों, पुलों, रेलवे और मिट्टी के काम के कांट्रैक्ट्स पर रियायती दरों या टैक्स छूट के गलत दावे शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी बॉडीज के लिए किए गए कामों पर टैक्स का कम भुगतान, बिल्डर्स और डेवलपर्स द्वारा रिवर्स चार्ज के तहत कम भुगतान, और अनियमित इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दावे जैसी बड़ी खामियां पाई गईं। ऑडिट के दौरान 392 टैक्सपेयर्स से जुड़े 431 मामलों में विस्तृत दस्तावेज पूरी तरह प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे कर देनदारी और आईटीसी में 2,732.56 करोड़ रुपए का भारी बेमेल (Mismatch) सामने आया।

💻 जीएसटीएन आईटी सिस्टम में कमियां और सीएजी की सिफारिशें

रिपोर्ट में जीएसटी नेटवर्क (GSTN) आईटी सिस्टम के कैग ऑडिट के तीसरे चरण को भी शामिल किया गया है, जिसके तहत रजिस्ट्रेशन और रिटर्न मॉड्यूल में अभी भी कई कमियां बनी हुई हैं। सीएजी ने अपनी सिफारिश में कहा है कि विभाग को सड़क, पुल और रेलवे कांट्रैक्ट्स पर रियायतों का दावा करने वाले सब-कांट्रैक्टर्स की जांच व आंतरिक ऑडिट का दायरा बढ़ाना चाहिए। साथ ही, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की सलाह दी गई है ताकि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा पकड़ी गई बेहिसाब आय की भी जीएसटी देनदारी के लिए उचित जांच की जा सके।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User