MP Rajya Sabha Election: बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार महेश केवट ने भरा नामांकन, बोले- राम ने निषाद राज को गले लगाया
बीजेपी ने महेश केवट को राज्यसभा का तीसरा उम्मीदवार बनाकर चौंकाया। क्या 2020 का इतिहास दोहराएगी बीजेपी? जानिए नामांकन और वोटों के गणित की पूरी कहानी।
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की सियासी बिसात बिछ चुकी है। बीजेपी द्वारा पार्षद पद से राजनीति शुरू करने वाले महेश केवट को राज्यसभा का तीसरा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नामांकन दाखिल करने के बाद केवट ने इसे बीजेपी नेतृत्व द्वारा दिए गए सम्मान के रूप में देखा और भगवान राम द्वारा निषाद राज को गले लगाने वाली पौराणिक घटना से अपनी तुलना की। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या बीजेपी 2020 जैसा 'सिक्वल' फिर से दोहराने की तैयारी में है?
नामांकन और जीत का संकल्प
महेश केवट ने शुभ मुहूर्त में अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि बीजेपी का संकल्प तीनों राज्यसभा सीटें जीतने का है। सीएम ने कहा कि महेश केवट बाल्यकाल से ही स्वयंसेवक रहे हैं और उन्होंने विद्यार्थी परिषद व युवा मोर्चा में विभिन्न उत्तरदायित्व निभाए हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केवट की जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी पूरी रणनीति के साथ मैदान में है।
वोटों का गणित और विपक्ष की चुनौती
वर्तमान में राज्यसभा के गणित में बीजेपी का तीसरा प्रत्याशी करीब दस वोटों के अंतर से पीछे खड़ा है। इस चुनौती को पार करने के लिए बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह छिन्न-भिन्न हो चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि 'आत्मा की आवाज' पर कांग्रेस के कई विधायक बीजेपी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।
निष्कासन से राज्यसभा तक: केवट का सफर
सियासी हलकों में महेश केवट का नाम अचानक सामने आने के बाद से चर्चाएं तेज हैं। एक समय था जब केवट पर पार्टी के खिलाफ जाने के आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। पार्टी के तमाम दिग्गजों को पीछे छोड़कर एक निष्कासित नेता का राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर उभरना, बीजेपी की 'सरप्राइज' रणनीति को दर्शाता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि केवट की यह 'नवाज़िश' बीजेपी को राज्यसभा में तीसरी जीत दिला पाती है या नहीं।
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