Indore News: सिंहस्थ की तैयारियों के बीच सैफी नगर स्टेशन बदहाल, यात्री सुविधाएं नदारद
इंदौर के सैफी नगर रेलवे स्टेशन की बदहाली। न गंदगी की सफाई, न सुरक्षा की गारंटी। असामाजिक तत्वों के कब्जे में स्टेशन, यात्री परेशान।
इंदौर। एक ओर जहाँ सिंहस्थ-2028 को देखते हुए रेलवे इंदौर के मुख्य स्टेशन और लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन का कायाकल्प कर रहा है, वहीं शहर का 'सैफी नगर रेलवे स्टेशन' पूरी तरह उपेक्षित पड़ा है। यह स्टेशन वर्तमान में गंदगी, असुरक्षा और असामाजिक तत्वों के आतंक का केंद्र बन चुका है। यहाँ रोजाना सैकड़ों यात्रियों की आवाजाही होती है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं का नामो-निशान नहीं है।
सुविधाओं का अकाल: पानी और शौचालय तक नहीं
सैफी नगर स्टेशन से खातीवाला टैंक, सिंधी कॉलोनी, जूनी इंदौर और पलसीकर जैसे क्षेत्रों के 200 से 250 यात्री रोजाना सफर करते हैं। बावजूद इसके, यहाँ यात्रियों के लिए न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही शौचालय। नलों की टोटियां तक गायब हैं। स्टेशन का बोर्ड टूटा हुआ है और यात्रियों के बैठने के लिए शेड भी नहीं हैं, जिससे बारिश में यात्रियों को खुले आसमान के नीचे भीगना पड़ता है।
नशाखोरी और असामाजिक तत्वों का डेरा
स्टेशन का मुख्य द्वार और परिसर शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों के कब्जे में आ जाता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यहाँ 10-12 नशाखोरों का जमावड़ा रहता है, जो खुलेआम शराब और नशा करते हैं। ये लोग अक्सर यात्रियों से रुपये छीनने जैसी हरकतें करते हैं। डर के कारण यात्री शिकायत करने से भी बचते हैं। सुरक्षा के नाम पर यहाँ कोई गार्ड या पुलिस की गश्त नहीं होती, जिससे रात के सफर में यात्रियों की जान जोखिम में रहती है।
चारों ओर गंदगी का अंबार
स्टेशन परिसर और पटरियों के आसपास कचरे के ढेर लगे हुए हैं। कचरा बीनने वालों ने स्टेशन को अपना स्थायी ठिकाना बना लिया है, जहाँ उनके बच्चे पटरियों पर खेलते रहते हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। कचरा जलाने के कारण ट्रेन के गुजरते समय आग लगने का खतरा भी बना रहता है। फुट ओवरब्रिज के नीचे शराब की खाली बोतलें और गंदगी साफ देखी जा सकती है।
प्रशासन की अनदेखी, सुध लेने वाला कोई नहीं
हाल्ट स्टेशन होने के कारण यहाँ कोई स्थाई रेलवे कर्मचारी तैनात नहीं है। स्टेशन की दुर्दशा और अतिक्रमण को लेकर स्थानीय लोग और यात्री कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग हर बार चुप्पी साध लेता है। रहवासियों का भी इसमें बड़ा योगदान है, जो स्टेशन परिसर को कूड़ा घर और सार्वजनिक शौचालय के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। यात्रियों और स्टेशन स्टाफ की मांग है कि यहाँ तत्काल सुरक्षा के लिए जीआरपी की गश्त बढ़ाई जाए और स्वच्छता के कड़े इंतजाम किए जाएं।
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