MP Bus Fare Hike: बढ़ सकती है बस किराया, बस ऑपरेटरों ने दी हड़ताल की चेतावनी
मध्य प्रदेश में बस किराया बढ़ने के आसार। बस ऑपरेटरों का दावा है कि डीजल और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने से व्यवसाय घाटे में है। सरकार को हड़ताल की चेतावनी दी।
सागर। देश भर में बढ़ती महंगाई के बीच अब मध्य प्रदेश के यात्रियों की जेब पर भी बोझ बढ़ने वाला है। प्रदेश सरकार जल्द ही बस किराया बढ़ाने का ऐलान कर सकती है। बस ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द किराया वृद्धि नहीं की गई, तो वे बसों का संचालन बंद कर हड़ताल पर चले जाएंगे। पिछले तीन वर्षों से बस संचालक लगातार घाटे में बसों का संचालन कर रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति दयनीय हो गई है।
डीजल और मेंटेनेंस की बढ़ती कीमतों का असर
मध्य प्रदेश बस ऑपरेटर एसोसिएशन के महामंत्री जयकुमार जैन ने बताया कि वर्ष 2021 में जब किराया बढ़ाया गया था, तब डीजल की कीमत मात्र 69 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब 100 रुपये के पार पहुँच गई है। केवल डीजल ही नहीं, बल्कि पिछले पांच सालों में टायर, मोबिल, ग्रीस, मोटर पार्ट्स, बस चेसिस और बॉडी निर्माण की कीमतों में 100 फीसदी से अधिक का उछाल आया है। दैनिक हजारों रुपये के घाटे के कारण छोटे बस संचालकों के लिए बसें चलाना नामुमकिन हो गया है।
परिवहन मंत्री से मिली सकारात्मक चर्चा, हड़ताल की तैयारी
बस ऑपरेटरों ने अपनी समस्याओं को लेकर परिवहन मंत्री और प्रमुख सचिव को कई बार ज्ञापन सौंपे हैं। 2 जून 2026 को भोपाल में परिवहन मंत्री से हुई सार्थक चर्चा के बाद मंत्री ने 15 दिनों के भीतर किराया वृद्धि का आश्वासन दिया है। ऑपरेटरों का कहना है कि यदि शासन फिर भी उनकी अनदेखी करता है, तो मजबूरन उन्हें बसें खड़ी करके हड़ताल का रुख अपनाना पड़ेगा।
टैक्स के मामले में मप्र सरकार पर लगा 'मनमानी' का आरोप
यूनियन का आरोप है कि मध्य प्रदेश में टैक्स दरें पूरे देश में सबसे अधिक हैं। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की तुलना में यहाँ डीजल और पेट्रोल की कीमतें वैट के कारण अधिक हैं। साथ ही, उत्तर प्रदेश में प्रतिमाह प्रति सीट टैक्स 125 रुपये है, जबकि मध्य प्रदेश में यह 200 रुपये प्रति सीट है। उच्च टैक्स दर और महंगाई के दोहरे प्रहार ने बस संचालकों की कमर तोड़ दी है। अब देखना यह है कि सरकार किराया बढ़ाकर यात्रियों को राहत देती है या ऑपरेटरों के साथ टकराव की स्थिति उत्पन्न होती है।
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