Sagar Wheat Procurement Scam: खरीदी केंद्र पर बड़ा खेल, अमानक स्तर के गेहूं में मिली भारी मात्रा में मिट्टी
सागर में गेहूं खरीदी में बड़ा गड़बड़झाला। वेयरहाउस में अमानक और मिट्टी मिला गेहूं मिलने से हड़कंप। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जांच टीम गठित कर कार्रवाई की बात कही।
सागर। प्रदेश में जिस मंत्री के पास गेहूं खरीदी की जिम्मेदारी है, उन्हीं के गृह जिले सागर में एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहाँ के गंभीरिया स्थित 'देवप्रभा वेयरहाउस' में जब गेहूं का ट्रक पहुंचा, तो बोरियों की जांच में होश उड़ा देने वाली सच्चाई सामने आई। गेहूं की बोरियों में अनाज के बजाय भारी मात्रा में मिट्टी भरी पाई गई। घटना के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, वेयरहाउस में ट्रक से गेहूं उतारते समय कुछ बोरियां संदिग्ध लगीं। जांच करने पर पता चला कि गेहूं के साथ बड़ी मात्रा में मिट्टी मिलाई गई है। यह गेहूं 'हर्षिता स्व-सहायता समूह' के खरीदी केंद्र से भेजा गया था। मामले के तूल पकड़ने पर जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर दी है।
टीम ने की 600 बोरियों की सघन जांच
कलेक्टर द्वारा गठित टीम में जिला आपूर्ति नियंत्रक, खाद्य विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल हैं। टीम ने हर्षिता स्व-सहायता समूह के खरीदी केंद्र पर छापेमारी कर वहां भंडारित गेहूं का भौतिक सत्यापन किया। प्रारंभिक जांच में लगभग 600 बोरियों की पड़ताल की गई, जिनमें से 10 बोरियों में मिट्टी की मिलावट पुष्टि हुई है। जांच दल ने बोरियों से सैंपल लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेज दिए हैं।
कलेक्टर ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
इस मामले पर जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल का कहना है, "एक मामला संज्ञान में आया है जिसमें खरीदा गया गेहूं अमानक स्तर का है और उसमें मिट्टी मिली हुई है। जांच टीम ने मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार की है। जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों पर नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।" प्रशासन का कहना है कि यह न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग है, बल्कि किसानों और आम जनता के साथ भी धोखा है। फिलहाल, मंगलवार को आने वाली जांच रिपोर्ट पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
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