मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री पर लगा प्रतिबंध, खाद्य विभाग की छापामार कार्रवाई में 8 हजार किलो सामग्री जब्त
मध्य प्रदेश सरकार ने एनालॉग पनीर की बिक्री पर एक साल की रोक लगा दी है। राज्य में लगातार छापामार कार्रवाई जारी है, अब तक 8135 किलो मिलावटी सामग्री जब्त की गई है।
मध्य प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य में 'एनालॉग पनीर' (Analog Paneer) की बिक्री पर एक साल के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य एवं औषधीय प्रशासन विभाग की ओर से प्रदेश भर में लगातार छापामार कार्रवाई की जा रही है। अब तक विभाग ने कार्रवाई करते हुए 8,135 किलो से अधिक मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की है। प्रदेश में हर महीने लगभग 900 क्विंटल एनालॉग पनीर की खपत हो रही थी, जो अब सरकार के कड़े रुख के बाद नियंत्रण में आने की उम्मीद है।
🧪 असली और एनालॉग पनीर में क्या है अंतर? जानें क्यों खतरनाक है इसका सेवन
एनालॉग पनीर दिखने में बिल्कुल असली पनीर जैसा होता है, जिसे देखकर पहचानना आम जनता के लिए बहुत कठिन है। सीनियर फूड सेफ्टी ऑफिसर देवेंद्र वर्मा के अनुसार, एनालॉग पनीर को वेजिटेबल ऑयल, मिल्क पाउडर, सोया मिल्क, प्रिजर्वेटिव्स और आटे के मिश्रण से तैयार किया जाता है, न कि शुद्ध दूध से। यह असली पनीर के मुकाबले काफी सस्ता होता है, जिसके चलते होटल और रेस्टोरेंट्स में इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था। यह न केवल पोषण में कम है, बल्कि शरीर में फैट की मात्रा बढ़ाकर स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुँचाता है।
🔍 घर पर ऐसे करें असली और नकली पनीर की जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता को पनीर की शुद्धता जांचने के कुछ आसान तरीके बताए हैं:
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हाथ से मसलकर देखें: असली पनीर हाथ से मसलने पर आसानी से दानेदार होकर टूट जाता है, जबकि एनालॉग पनीर में अधिक खिंचाव (Rubber-like texture) और चिपचिपापन होता है।
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तवे पर गर्म करें: पनीर के टुकड़े को तवे पर गर्म करने पर यदि वह तेल छोड़ता है और उसमें अधिक खिंचाव महसूस होता है, तो वह एनालॉग पनीर हो सकता है।
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आयोडीन टेस्ट: पनीर के एक छोटे टुकड़े पर आयोडीन की कुछ बूंदें डालें; यदि वह नीला या काला पड़ जाए, तो उसमें मिलावट है। असली पनीर का रंग नहीं बदलता है।
📊 विभाग की सख्ती: जांच में फेल हुए कई पनीर के नमूने
खाद्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025-26 में पनीर के 921 नमूनों की जांच की गई, जिसमें से 123 नमूने अमानक पाए गए। इनमें से 98 नमूनों में बीआर (BR) रीडिंग और 25 नमूनों में फैट का प्रतिशत मानकों के विपरीत था, जिन्हें एनालॉग पनीर माना गया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त सुखबीर सिंह ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि कोई भी उत्पाद जो वास्तविक दुग्ध उत्पाद नहीं है, उसे प्रतिबंधित किया गया है। विभाग अब ब्रांडेड कंपनियों के पनीर की भी सघन जांच कर रहा है ताकि प्रदेशवासियों को शुद्ध उत्पाद मिल सके।
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