भारतीय नौसेना की बढ़ेगी ताकत: ₹449 करोड़ में खरीदेगी 'स्वदेशी' सैटेलाइट जैमर्स, दुश्मन के रडार होंगे बेअसर

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए 449 करोड़ के स्वदेशी 'ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट जैमर्स' का सौदा किया। जानिए कैसे यह दुश्मन के रडार और सिग्नल को करेगा जाम।

Jun 10, 2026 - 20:33
 0
भारतीय नौसेना की बढ़ेगी ताकत: ₹449 करोड़ में खरीदेगी 'स्वदेशी' सैटेलाइट जैमर्स, दुश्मन के रडार होंगे बेअसर

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मंत्रालय ने बेंगलुरु की कंपनी 'अकॉर्ड सॉफ्टवेयर एंड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड' (ASSPL) के साथ 449 करोड़ रुपये का समझौता किया है। इस करार के तहत भारतीय नौसेना के लिए 20 उन्नत क्षमता वाले 'ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम' (ECGNSS) जैमर्स खरीदे जाएंगे। यह समझौता 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक बड़ा कदम है, क्योंकि इसमें लगने वाला 75% सामान स्वदेशी होगा।

 क्या है इस जैमर की खासियत?

यह प्रणाली दुश्मन के GNSS रिसीवर के सैटेलाइट सिग्नल को ट्रैक करने और उन्हें कमजोर करने (सिग्नल स्पूफिंग जैमिंग) में सक्षम है। यह तकनीक भारतीय नौसेना के जहाजों को मल्टी-डैंजर वाले वातावरण में सुरक्षित संचालन करने में मदद करेगी। इसका सीधा मतलब यह है कि अब दुश्मन का कोई भी जहाज भारतीय समुद्री सीमा के भीतर आकर नुकसान नहीं पहुँचा सकेगा।

जैमर क्या होता है और यह कैसे काम करता है?

जैमर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो एक विशिष्ट रेडियो फ्रीक्वेंसी पर सिग्नल भेजकर वायरलेस रेज में व्यवधान पैदा करता है। जब इसे एक्टिव किया जाता है, तो यह मोबाइल, वाई-फाई और जीपीएस जैसे वास्तविक नेटवर्क सिग्नलों को कमजोर कर देता है या पूरी तरह बंद कर देता है। नेविगेशन और संचार को नियंत्रित करने में यह तकनीक बेहद कारगर है, जिसका उपयोग अब नौसेना अपने जंगी जहाजों की सुरक्षा के लिए करेगी।

 जैमर्स का उपयोग कहाँ और क्यों?

आमतौर पर जैमर्स का इस्तेमाल वीवीआईपी सुरक्षा, संवेदनशील सैन्य ठिकानों और गुप्त ऑपरेशनों में किया जाता है, ताकि अनचाहे या खतरनाक कम्युनिकेशन को रोका जा सके। नौसेना के लिए यह तकनीक एक 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करेगी, जो दुश्मन को भारत के समुद्री राडार और जीपीएस सिस्टम को भ्रमित करने से रोकेगी। 10 जून को दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में हस्ताक्षरित यह समझौता भविष्य में नौसेना की सामरिक शक्ति को नई ऊंचाई देगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow