मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच हुआ बड़ा समझौता, बिजली की मांग पूरी करने के लिए मिलाया हाथ
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ने बिजली लागत कम करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए पावर बैंकिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। जानिए इस योजना के क्या फायदे हैं।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने विद्युत संसाधनों के बेहतर उपयोग और बिजली खरीद की लागत को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को लखनऊ में 'एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड' और 'यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड' के बीच पूरक विद्युत खरीद और दीर्घकालिक फर्म पावर बैंकिंग व्यवस्था को लेकर एक समझौता संपन्न हुआ है। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत दोनों राज्य 2000 मेगावाट पीक पावर क्षमता की प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए बिजली की खरीद शुरू करने पर सहमत हुए हैं, जिससे दोनों राज्यों की जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
🔄 दोनों राज्यों की बिजली मांग के अंतर का मिलेगा पूरा फायदा
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने इस समझौते की खासियत बताते हुए कहा कि इसका मुख्य आधार दोनों राज्यों की बिजली की मांग का पूरक स्वरूप है। उदाहरण के लिए, मध्य प्रदेश में अक्टूबर से मार्च तक रबी सीजन के दौरान कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग काफी बढ़ जाती है, जबकि उत्तर प्रदेश में मई से सितंबर के बीच गर्मी और खरीफ सीजन के कारण बिजली की खपत सबसे अधिक होती है। इस अंतर का पूरा लाभ उठाते हुए एक राज्य में कम मांग के समय उपलब्ध अतिरिक्त बिजली, दूसरे राज्य को उसकी अधिक मांग के समय आसानी से उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे सालभर दोनों राज्यों की उत्पादन क्षमता और बिजली संसाधनों का बेहतरीन उपयोग सुनिश्चित होगा।
💰 14 हजार करोड़ के निवेश की संभावना और ग्रिड को मजबूती
इस दीर्घकालिक पावर बैंकिंग व्यवस्था के विकसित होने से न केवल उत्पादन क्षमता के कम उपयोग की समस्या घटेगी, बल्कि महंगी अल्पकालिक (शॉर्ट-टेर्म) बिजली खरीदने की आवश्यकता भी कम होगी। इससे ग्रिड में लचीलापन, ऊर्जा सुरक्षा और बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी। इस व्यवस्था से बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में लगभग 14 हजार करोड़ रुपये के नए निवेश की बड़ी संभावनाएं बन रही हैं, जिससे नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता के विस्तार को भी नई गति मिलेगी। इस समझौता ज्ञापन पर एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक जी.एस. खनूजा और उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के निदेशक दीपक रैजादा ने हस्ताक्षर किए हैं।
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