जबलपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला, छिंदवाड़ा हादसे के बच्चों का जाना हाल
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने जबलपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचकर छिंदवाड़ा एनआईसीयू हादसे में घायल बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिजनों से मुलाकात की।
मध्य प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला शनिवार को अचानक जबलपुर पहुंचे। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती उन बच्चों के स्वास्थ्य की व्यक्तिगत रूप से जानकारी ली, जो हाल ही में छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एनआईसीयू (NICU) वार्ड में हुई आगजनी की दुर्घटना में घायल हो गए थे। दरअसल, छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में वार्मर मशीन में शॉर्ट सर्किट होने के कारण भीषण आग लग गई थी, जहां तीन नवजात बच्चे भर्ती थे। इस दर्दनाक हादसे में बच्चे बुरी तरह झुलस गए थे, जिनमें से एक बच्चे की दुखद मृत्यु हो गई थी, जबकि दो अन्य बच्चों को गंभीर हालत में बेहतर इलाज के लिए जबलपुर शिफ्ट किया गया था। डिप्टी सीएम ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों का इलाज कर रहे डॉक्टरों से बातचीत की और उनके परिजनों से भी मुलाकात कर ढांढस बंधाया।
⚡ छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एनआईसीयू में वार्मर मशीन में हुआ था शॉर्ट सर्किट
मिली जानकारी के अनुसार, छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में नवजात बच्चों की देखभाल के लिए वार्मर मशीनें लगाई गई थीं। घटना के वक्त वहां तीन बच्चे भर्ती थे। अचानक वार्मर मशीन में शॉर्ट सर्किट होने से आग भड़क उठी और इसकी चपेट में आने से तीनों मासूम गंभीर रूप से झुलस गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में रेफर किया गया, जहां उनका विशेष चिकित्सा निगरानी में इलाज चल रहा है।
🌟 "मध्य प्रदेश का सबसे बेहतरीन है सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का एनआईसीयू"—डिप्टी सीएम
अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि दोनों ही बच्चों की स्थिति अब संतोषजनक और अच्छी है, और डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचा लिया है। उन्होंने कहा कि एनआईसीयू में आमतौर पर वे ही नवजात भर्ती किए जाते हैं जिनका जन्म समय से पहले (प्रीमैच्योर) होता है या जिन्हें जन्म के समय से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। इसके बावजूद, जबलपुर का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल मध्य प्रदेश का सबसे बेहतरीन और उन्नत केंद्र है, जहां बच्चों के इलाज के लिए अत्याधुनिक और उच्च स्तर की हर छोटी-बड़ी सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां भर्ती बच्चे जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौटेंगे। इस दौरान उनके साथ मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर नवनीत सक्सेना और इलाज करने वाला पूरा मेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।
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