मां और चार हाथ-पैर वाला नवजात स्वस्थ, कंजॉइन्ड ट्विन्स के इस दुर्लभ केस को जबलपुर रेफर किया गया
छतरपुर जिले के लवकुश नगर स्वास्थ्य केंद्र में चार हाथ और चार पैर वाले एक दुर्लभ बच्चे का जन्म हुआ है। बेहतर इलाज के लिए बच्चे को एयर एंबुलेंस से जबलपुर भेजा जा रहा है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद हैरान करने वाली और दुर्लभ खबर सामने आई है। यहाँ के सरकारी अस्पताल में एक महिला ने ऐसे बच्चे को जन्म दिया है, जिसे पहली बार देख कर डॉक्टर और नर्स भी अचरज में पड़ गए। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में चार हाथ और चार पैर वाले इस अद्भुत बच्चे के जन्म की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में उसे देखने वाले लोगों का तांता लग गया। इस दुर्लभ बच्चे के जन्म के बाद डॉक्टरों ने उसकी पूरी सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए बताया कि ऐसे मामले लाखों में एक होते हैं। फिलहाल राहत की बात यह है कि नवजात शिशु और उसकी मां दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
🏥 लवकुश नगर स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान सामने आया दुर्लभ 'कंजॉइन्ड ट्विन्स' का मामला
यह पूरी घटना छतरपुर जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित लवकुश नगर के शासकीय स्वास्थ्य केंद्र की है। लवकुश नगर थाना क्षेत्र की रहने वाली नीता अहिरवार (रीता अहिरवार) को प्रसव पीड़ा के दौरान उनके पति शिवचरण अहिरवार अस्पताल लेकर पहुंचे थे। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए वहां तैनात नर्स ने तुरंत उसे भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद नीता ने एक शिशु को जन्म दिया, जिसे देखकर ड्यूटी पर मौजूद नर्स और डॉक्टर दंग रह गए। नर्स ने तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ डॉक्टर बीएमओ लखन सिंह को दी। मौके पर पहुंचे डॉक्टर ने जब बच्चे की जांच की, तो पाया कि बच्चा और मां दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। पिता शिवचरण अहिरवार का कहना है कि यह सब ईश्वर का चमत्कार है और इस पर किसी का कोई वश नहीं है।
✈️ बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से जबलपुर भेजने की तैयारी, बीएमओ ने दी जानकारी
इस अनोखे और दुर्लभ मामले पर बीएमओ डॉ. लखन सिंह ने बताया कि ऐसे दुर्लभ मामले लाखों में किसी एक के साथ होते हैं। यह 'कंजॉइन्ड ट्विन्स' (जुड़े हुए जुड़वां बच्चों) का एक बेहद दुर्लभ केस है, जिसमें दूसरा बच्चा पूरी तरह विकसित नहीं हो पाया। बेहतर और उच्च स्तरीय चिकित्सीय देखभाल के लिए इस नवजात को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया है, और आगे के विशेष इलाज के वास्ते बच्चे को एयर एंबुलेंस के जरिए जबलपुर भेजने की पूरी तैयारी की जा रही है। वहीं, लवकुश नगर स्वास्थ्य केंद्र में 14-15 साल से सेवाएं दे रही सीनियर नर्स मोनिका श्रीवास्तव ने बताया कि उनके पूरे कार्यकाल में यह अपने तरह का पहला और अनोखा मामला है, जिसे देखकर वे भी हैरान रह गईं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)