श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर बाबा महाकाल के दरबार में भक्तों का सैलाब, तड़के 2:30 बजे खुले मंदिर के पट
श्रावण मास के आखिरी सोमवार पर उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। प्रसिद्ध भजन गायकों ने भस्म आरती में हिस्सा लिया।
पवित्र श्रावण मास के आखिरी और चौथे सोमवार पर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आस्था और भक्ति का एक अलौकिक नजारा देखने को मिल रहा है। वीकेंड की पूर्व संध्या पर यानी शनिवार और रविवार की दरमियानी रात त्रिवेणी संग्रहालय के समीप शक्तिपथ पर आयोजित 'शिवतत्व श्रावण कला उत्सव' में देश के जाने-माने शिव भजन गायक हंसराज रघुवंशी, किशन भगत और सुंदरलाल मालवीय ने अपनी दिलकश प्रस्तुतियों से पूरे माहौल को पूरी तरह शिवमय कर दिया। भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के समापन के बाद इन प्रसिद्ध कलाकारों ने आम श्रद्धालुओं की तरह बाबा महाकाल के सामान्य दर्शन किए, जबकि लोकप्रिय गायक हंसराज रघुवंशी ने सोमवार तड़के श्रावण के अंतिम सोमवार की पावन बेला पर सुबह की विशेष भस्म आरती के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त किया।
🎶 भजनों की गूंज से सराबोर हुआ शक्तिपथ, कलाकारों ने लिया भस्म आरती का आशीर्वाद
शनिवार और रविवार की शाम आयोजित सांस्कृतिक संध्या के दौरान गायक सुंदरलाल मालवीय ने अपनी सुरीली आवाज में मालवीय लोक एवं पारंपरिक शिव भजनों से समा बांध दिया। इसके बाद मंच पर आए किशन भगत ने अपने लोकप्रिय भजनों की शानदार प्रस्तुति दी। इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध गायक हंसराज रघुवंशी की प्रस्तुति रही, जिनके सुरों पर उपस्थित श्रद्धालु झूम उठे और पूरा शक्तिपथ 'हर हर महादेव' के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा।
मंदिर के पुजारी ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रावण के चौथे व अंतिम सोमवार को परंपरा के अनुसार ठीक तड़के 02:30 बजे बाबा महाकाल के गर्भगृह के पट खोले गए। इस दौरान भस्म आरती में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भस्म आरती के बाद भगवान महाकाल का अत्यंत मनमोहक और दिव्य श्रृंगार किया गया, जिसमें उन्हें रजत मुकुट, कीमती आभूषण और नए वस्त्र अर्पित किए गए।
🐘 शाम को निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी, उमड़ी भारी भीड़
श्रावण के आखिरी सोमवार के पावन अवसर पर सुबह से ही महाकालेश्वर मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा हुआ है। अलसुबह से ही हजारों श्रद्धालु गंगा-नर्मदा जल, दूध, और बिल्वपत्र लेकर बाबा महाकाल की एक झलक पाने के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए। मंदिर प्रशासन के अनुसार दिनभर दर्शन का यह सिलसिला अनवरत जारी रहेगा। वहीं परंपरा के अनुसार आज शाम ठीक 04:00 बजे बाबा महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए भव्य नगर भ्रमण पर निकलेंगे, जिसके पश्चात संध्या आरती और रात्रि 10:30 बजे होने वाली शयन आरती के बाद मंदिर के पट आगामी व्यवस्था के लिए बंद किए जाएंगे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)