छतरपुर के मतंगेश्वर महादेव मंदिर का अनोखा रहस्य, हर साल बढ़ती है शिवलिंग की लंबाई

छतरपुर के खजुराहो स्थित मतंगेश्वर महादेव मंदिर में सावन के आखिरी सोमवार पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। इस रहस्यमयी शिवलिंग की लंबाई हर साल बढ़ने की मान्यता है।

Aug 24, 2026 - 19:12
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छतरपुर के मतंगेश्वर महादेव मंदिर का अनोखा रहस्य, हर साल बढ़ती है शिवलिंग की लंबाई

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल ऐतिहासिक नगरी खजुराहो स्थित प्रसिद्ध मतंगेश्वर महादेव मंदिर में सावन मास के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर शिव भक्तों का तांता लगा रहा। इस प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर से कई अनोखी मान्यताएं और रहस्य जुड़े हुए हैं। किंवदंतियों के अनुसार, यहाँ स्थापित विशाल शिवलिंग हर साल तिल के बराबर बढ़ता है, जो जमीन के नौ फीट ऊपर और नौ फीट नीचे पाताल की ओर स्थित है। सावन के इस आखिरी सोमवार पर बुंदेलखंड के छतरपुर स्थित इस मणिधारी मतंगेश्वर मंदिर में सुबह से ही 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने बाबा का जलाभिषेक कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

✨ हर साल बढ़ती है शिवलिंग की लंबाई, भगवान कार्तिकेय को प्रथम भोग लगाने की है विशेष परंपरा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव द्वारा युधिष्ठिर को दी गई मरकत मणि मतंग ऋषि के पास पहुँची थी, जिसे इसी शिवलिंग के नीचे स्थापित किया गया था। चंदेलकालीन मतंगेश्वर महादेव मंदिर लगभग 1,000 साल पुराना है और यहाँ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका शिवलिंग हर साल शरद पूर्णिमा के दिन एक इंच बढ़ जाता है। लगभग 2.5 मीटर ऊँचे और 1.1 मीटर व्यास वाले इस 'जीवित शिवलिंग' के बारे में माना जाता है कि जैसे ही यह पाताल लोक तक पहुँचेगा, कलयुग का अंत हो जाएगा। इस मंदिर में जलाभिषेक के साथ-साथ भगवान कार्तिकेय को प्रथम भोग लगाने और माता पार्वती के चरण छूकर आशीर्वाद प्राप्त करने की एक बेहद अनूठी और प्राचीन परंपरा है।

🛡️ हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर प्रशासन रहा पूरी तरह अलर्ट

खजुराहो सहित आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में पहुँचे श्रद्धालुओं ने भगवान मतंगेश्वर के दर्शन किए। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए खजुराहो नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) बसंत चतुर्वेदी के निर्देशन में शिवसागर तालाब के घाटों की विशेष साफ-सफाई कराई गई, ताकि स्नान और आवागमन में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही, मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया, जिससे सभी ने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से बाबा के दर्शन का लाभ उठाया।

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