मूलभूत सुविधाओं की कमी और प्रताड़ना से परेशान छात्र, जिला मुख्यालय पहुंचकर रखी अपनी मांगें

बड़वानी के एकलव्य आदर्श विद्यालय के सैकड़ों छात्र अपनी समस्याओं को लेकर 45 किमी पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंचे और कलेक्टर से मुलाकात की।

Aug 24, 2026 - 19:17
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मूलभूत सुविधाओं की कमी और प्रताड़ना से परेशान छात्र, जिला मुख्यालय पहुंचकर रखी अपनी मांगें

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए जेन-जी (Gen-Z) के प्रदर्शन के बाद देश भर के युवाओं और बच्चों में अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक नई जागरूकता देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में अब मध्य प्रदेश में भी 'जेन अल्फा' (Gen-Alpha) का असर सड़कों पर नजर आने लगा है। रविवार को जहाँ भोपाल में बच्चों का प्रदर्शन सामने आया, वहीं सोमवार को बड़वानी जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सेंधवा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले एकलव्य आदर्श विद्यालय जामली के सैकड़ों छात्र अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर पैदल ही 45 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके जिला मुख्यालय की ओर निकल पड़े।

🎒 स्कूल की व्यवस्थाओं से नाराजगी, प्रिंसिपल पर जातिसूचक शब्दों से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप

सोमवार को अचानक सैकड़ों स्कूली बच्चों को सड़क पर पैदल चलते देख प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एसडीएम और एसडीओपी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और बीच रास्ते में ही छात्रों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने स्कूल में मूलभूत सुविधाओं और पढ़ाई के स्तर पर गहरी नाराजगी जताई। छात्रा मनीषा ने आरोप लगाया कि स्कूल में लंबे समय से आवश्यक सुविधाओं का अभाव है और कई बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके अलावा, छात्रों ने कुछ जिम्मेदार लोगों और प्रिंसिपल पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का बेहद गंभीर आरोप भी लगाया है।

👩‍💼 कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश, बच्चों की समस्याओं का जल्द समाधान का भरोसा

छात्रों की जिद थी कि वे किसी अधिकारी से नहीं बल्कि सीधे जिला मुख्यालय जाकर कलेक्टर से मिलेंगे और अपनी बात रखेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह ने बच्चों से विस्तार से बातचीत की और उनकी सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बच्चों के द्वारा लगाए गए आरोपों और स्कूल की व्यवस्थाओं (जैसे ऑडिटोरियम, काउंसलिंग और अन्य परेशानियां) की निष्पक्ष जाँच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन कर दिया गया है। जाँच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर संबंधितों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्रों का गुस्सा शांत हुआ।

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