हरसूद में भेड़ चरवाहों और पारदी समाज के बीच खूनी संघर्ष, धारदार हथियारों से हमले में 24 भेड़ों की मौत

खंडवा के हरसूद थाना क्षेत्र में भेड़ चरवाहों और पारदी समाज के बीच विवाद के बाद 24 भेड़ों की मौत हो गई। घटना के बाद जमकर हंगामा हुआ, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Aug 27, 2026 - 10:01
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हरसूद में भेड़ चरवाहों और पारदी समाज के बीच खूनी संघर्ष, धारदार हथियारों से हमले में 24 भेड़ों की मौत

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के हरसूद थाना क्षेत्र अंतर्गत धारूखेड़ी गांव के पास भेड़ चरवाहों और पारदी समाज के लोगों के बीच हुए खूनी विवाद के बाद करीब 24 भेड़ों की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भेड़ चरवाहों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विवाद के दौरान पारदी समाज के लोगों ने धारदार हथियारों से हमला कर उनकी दर्जनों भेड़ों को मौत के घाट उतार दिया। इस हिंसक घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें तीन लोगों के घायल होने की सूचना है।

⚔️ विवाद के बाद धारदार हथियारों से हमला, हरसूद-भोपाल मार्ग पर किया गया चक्काजाम का प्रयास

प्राप्त जानकारी के अनुसार, धारूखेड़ी गांव के पास पारदी समाज के कुछ लोग अपना डेरा डालकर रह रहे थे। इसी दौरान भेड़ चरवाहे अपनी भेड़ों को लेकर वहां से गुजर रहे थे, तभी किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, हालांकि विवाद की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। चरवाहों का आरोप है कि हमलावरों ने बेरहमी से धारदार हथियारों का इस्तेमाल कर 24 भेड़ों को मार डाला। घटना से आक्रोशित चरवाहों ने हरसूद-भोपाल मार्ग पर पहुंचकर हंगामा किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चक्काजाम का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाइश दी और जाम नहीं लगने दिया।

🏥 मारपीट में तीन लोग घायल, हरसूद थाना पुलिस कर रही पूरे मामले की गंभीरता से जांच

इस पूरी झड़प में दोनों पक्षों से तीन लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जिनमें पारदी समाज का एक व्यक्ति और भेड़ चरवाहों की ओर से दो लोग शामिल हैं। सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए हरसूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। घटना की सूचना मिलते ही हरसूद थाना पुलिस का अमला तुरंत मौके पर पहुँचा। पुलिस दल में एसआई चंद्रशेखर कड़े, एएसआई ज्ञानसिंह गौड़, चिंतामन उइके, हेड कांस्टेबल हरिप्रसाद, कांस्टेबल अनिल मेहरा और 112 के पायलट सतीश सोनी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों के बयानों और आरोपों की गहनता से जांच कर रही है, और जांच पूरी होने के बाद ही घटना की असल स्थिति और दोषियों पर कार्रवाई की बात सामने आएगी।

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