बूथ प्रबंधन और चुनावी तैयारियों के लिए कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान, 15 अक्टूबर तक पूरी होगी प्रक्रिया
मध्य प्रदेश में 1985 के बाद कांग्रेस पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के लिए आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही है। आगामी चुनावों और बूथ प्रबंधन को मजबूत करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। राज्य में साल 1985 के बाद अब कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित करवा रही है। वर्तमान स्थिति यह है कि प्रदेश के 40 जिलों में दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर सफलतापूप्रवर्क आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि शेष बचे हुए 31 जिलों में यह प्रक्रिया आगामी 15 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी। यह सिलसिला यहीं नहीं थमेगा, बल्कि इसके बाद बूथ लेवल एजेंट (BLA), विधानसभा और पंचायत इकाइयों के अध्यक्षों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस के इतिहास, देश की आजादी में पार्टी की भूमिका, संविधान की रक्षा, मतदाता सूची की सूक्ष्म जांच और मजबूत बूथ प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर कार्यकर्ताओं को आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार करना है।
📋 संगठन सृजन अभियान के जरिए नियुक्तियां और आवासीय शिविरों की रूपरेखा
प्रदेश में पार्टी संगठन को पुनर्जीवित और सशक्त करने के लिए पहली बार 'संगठन सृजन अभियान' के माध्यम से पारदर्शी तरीके से जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है, तथा ब्लॉक अध्यक्षों का चयन भी आम सहमति के आधार पर सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही पंचायत स्तरीय इकाइयों का भी गठन किया गया है। प्रथम चरण के तहत ब्लॉक, मंडल और नगर स्तर के अध्यक्षों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इन दो दिवसीय आवासीय शिविरों में विभिन्न सत्रों के माध्यम से पार्टी की रीति-नीति, वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य, संगठन में पदाधिकारियों की जिम्मेदारी, महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता, युवाओं की अपेक्षाओं, मतदाता सूची के परीक्षण और सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जाती है।
🎯 दिग्गजों की मौजूदगी और आगामी दूसरा चरण: अक्टूबर से शुरू होगा BLA का प्रशिक्षण
प्रदेश कांग्रेस के संगठन महामंत्री संजय कामले के अनुसार, इन प्रशिक्षण शिविरों की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 40 में से 30 जिलों के शिविरों में खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने विभिन्न सत्रों को संबोधित किया, जबकि 22 जिलों में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिविरों में सोशल मीडिया के महत्व पर एक पूरा सत्र रखा जाता है, जिसके तहत कार्यकर्ताओं के सोशल मीडिया अकाउंट भी मौके पर ही बनवाए जाते हैं। प्रशिक्षण के दौरान एक टीम के रूप में काम करने, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और युवाओं से संवाद साधने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अब इस कड़ी का दूसरा चरण अक्टूबर महीने से शुरू होगा, जो एक दिवसीय होगा और इसमें बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
🔄 प्रकोष्ठों का पुनर्गठन: जल्द नियुक्त होंगे नए विभाग और प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्ष
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्ववर्ती सभी विभागों और प्रकोष्ठों को भंग कर दिया है, और अब एक नई ऊर्जा के साथ टीम के गठन की तैयारी चल रही है। यह प्रक्रिया दो स्तरों पर पूरी की जाएगी। सबसे पहले विभिन्न विभागों—जैसे अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और अन्य प्रकोष्ठों के नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी, जिसके लिए पैनल तैयार किए जा रहे हैं। नवनियुक्त अध्यक्ष अपनी स्वतंत्र टीम का चयन करेंगे। इसके अलावा, जिला इकाइयों का गठन स्थानीय सभी वरिष्ठ नेताओं की समन्वय समिति के माध्यम से करवाया जाएगा, ताकि पार्टी में एकजुटता बनी रहे।
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