मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 469 हुआ, 977 लोग अभी भी लापता; चीन ने जारी किया लेवल-IV अलर्ट

नेपाल में बुधवार की भीषण बाढ़ के बाद अब तिब्बत सीमा पर बनी झील से नया खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

Aug 28, 2026 - 15:02
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मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 469 हुआ, 977 लोग अभी भी लापता; चीन ने जारी किया लेवल-IV अलर्ट

नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि देश पर एक बार फिर से भयंकर बाढ़ का नया संकट मंडराने लगा है। तिब्बत सीमा के पास हिमस्खलन (Avalanche) के कारण बनी एक प्राकृतिक झील में पानी का स्तर लगातार खतरनाक रूप से बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए नेपाली अधिकारियों ने शुक्रवार को नई और गंभीर चेतावनी जारी की है। आशंका जताई जा रही है कि यदि यह झील टूटी, तो भोटेकोशी और त्रिशूली नदी घाटियों के निचले इलाकों में एक बार फिर अचानक भीषण बाढ़ आ सकती है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक देश भर में 469 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लगभग 977 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

🚨 NDRRMA की चेतावनी: सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह

आपदा के तीसरे दिन भी नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी रहा। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) द्वारा जारी ताजा चेतावनी में कहा गया है कि बुधवार को जिस क्षेत्र में अचानक बाढ़ आई थी, वहां एक बार फिर कीचड़युक्त पानी का स्तर तेजी से ऊपर उठ रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। अथॉरिटी ने राहत एवं बचाव कार्य में जुटे सुरक्षाबलों के साथ-साथ भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के आसपास रहने वाले नागरिकों को अत्यधिक सतर्कता बरतने को कहा है। अधिकारियों ने अपील की है कि खतरे का थोड़ा भी संकेत मिलते ही लोग बिना किसी देरी के तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर प्रस्थान करें। नेपाल पुलिस ने भी तिब्बत की तरफ जल अवरोधक के टूटने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर कड़े निर्देश जारी किए हैं।

📊 आठ जिलों से मिले 469 शव, करीब एक हजार लोग अब भी लापता

नेपाल पुलिस से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस त्रासदी में विभिन्न जिलों से भारी संख्या में शव बरामद किए गए हैं। इनमें चितवन से 178, नवलपरासी ईस्ट से 110, गोरखा से 44, नुवाकोट से 37, धाडिंग से 33, तनाहु से 28, नवलपरासी वेस्ट से 27 और रसुवा से 12 शव शामिल हैं। इसके अलावा पड़ोसी देश तिब्बत में भी 3 लोगों की मौत की सूचना मिली है। बुधवार सुबह से शुरू हुई इस आपदा के बाद से 977 लोग लापता हैं, जिनमें 86 सुरक्षाकर्मी, 517 विदेशी पर्यटक और 127 नेपाली यात्री शामिल हैं। राहत टीमों ने अब तक 1,545 घायल व फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जिनमें से 84 घायलों का इलाज काठमांडू के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है, जहां अपनों की तलाश में परिजन बेचैन नजर आ रहे हैं।

🇨🇳 चीन ने जारी किया 'लेवल-IV' अलर्ट: झील में जमा है लाखों घन मीटर पानी

तिब्बत की ओर बनी नई बैरियर झील ने नेपाल और चीन दोनों देशों की चिंता बढ़ा दी है। चीन ने इस प्राकृतिक आपदा को लेकर गुरुवार देर रात 'लेवल-IV' अलर्ट जारी किया। चीनी रिपोर्ट के अनुसार, छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास एक विशाल झीलनुमा जलराशि बन गई है, जिसमें फिलहाल लगभग 20 लाख घन मीटर पानी जमा है। अगले तीन दिनों के भीतर इस झील में करीब 30 लाख घन मीटर अतिरिक्त पानी पहुंचने की आशंका है, जिससे इसके टूटने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। नेपाल के जल एवं मौसम विज्ञान विभाग ने भी सीमावर्ती इस झील को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

🛑 राहत कार्य तेज और 29 अगस्त से परीक्षाएं स्थगित

संकट की इस घड़ी में नेपाल सरकार ने राहत कार्यों को और तेज कर दिया है। वर्तमान में कुल 7,451 सुरक्षाकर्मी (जिसमें सेना के 2,391 जवान भी शामिल हैं) राहत और खोजबीन अभियान में पूरी ताकत से जुटे हैं। दुर्गम और संपर्क से कटे इलाकों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। वहीं, बिगड़ते हालातों और छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए नेपाल सरकार ने 29 अगस्त से आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। प्रशासन के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती नई बाढ़ की इस संभावित आपदा से निपटना और दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

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