30 लाख रुपए की डिमांड और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने दी थी जान, ऑडियो रिकॉर्डिंग बना अहम सबूत
ग्वालियर में पॉक्सो मामले के आरोपी इंजीनियर लवजीत राणा और उसकी मां की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने वकील और आरोपी दंपत्ति पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। पॉक्सो (POCSO) एक्ट के आरोपी युवा इंजीनियर लवजीत सिंह राणा द्वारा आत्महत्या किए जाने के आठ महीने बीत जाने के बाद आखिरकार पुलिस ने आरोपी दंपति और एक वकील के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने यह कार्रवाई तब की जब अपने बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए दर-दर भटक रही हताश मां ने भी तंग आकर आत्महत्या कर ली। इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
💸 30 लाख की डिमांड और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर दिसंबर 2025 में इंजीनियर ने की थी खुदकुशी
ग्वालियर के रहने वाले युवा इंजीनियर लवजीत राणा के खिलाफ वर्ष 2025 में डबरा की एक तीन साल की मासूम से जुड़े मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। लवजीत लंबे समय तक फरार रहा और कोर्ट से जमानत न मिलने के कारण भारी मानसिक तनाव में था। इसी बीच, 20 दिसंबर 2025 को उसने अपने ही घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। परिजनों ने उस वक्त पुलिस को बताया था कि एक महिला, उसका पति और एक वकील जीजा मिलकर उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहे थे तथा केस खत्म करने की एवज में 30 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। पैसे देने के बावजूद जब आरोपियों ने और रुपयों की डिमांड जारी रखी, तो प्रताड़ना से तंग आकर उसने यह खौफनाक कदम उठाया था।
👩👦 बेटे के बाद मां ने भी तोड़ा दम: न्याय की आस में 54 वर्षीय चन्द्रा राणा ने भी की आत्महत्या
अपने बेटे की मौत और पुलिस की सुस्त कार्रवाई से आहत पीड़ित मां चन्द्रा राणा लगातार न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काटती रही, लेकिन समय पर आरोपियों पर कार्रवाई न होने से वह गहरे अवसाद में चली गई। आखिरकार, बीते शुक्रवार को 54 वर्षीय चन्द्रा राणा ने भी अपने घर में जीवनलीला समाप्त कर ली। इस दोहरी त्रासदी के बाद हरकत में आई पुलिस ने आनन-फानन में ब्लैकमेल करने वाले वकील और आरोपी दंपत्ति के खिलाफ शिकंजा कसते हुए मामला दर्ज कर लिया है।
📱 मोबाइल में मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग बनी सबसे बड़ा सबूत
मामले की पुष्टि करते हुए सीएसपी हेडक्वार्टर रॉबिन जैन ने बताया कि मृतक लवजीत के मोबाइल फोन से बरामद ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल दस्तावेजों की गहन तकनीकी जांच की गई, जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि तीनों आरोपियों की लगातार प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर ही उसने यह कदम उठाया था। इस हृदयविदारक मामले में पुलिस ने अब तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ धारा 306 (आत्महत्या के लिए प्रेरित करने) के तहत गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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