DRI ने इंदौर के सराफा व्यापारियों को कोटा से किया गिरफ्तार, 4.72 करोड़ का तस्करी का सोना बरामद

डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (DRI) ने इंदौर के सराफा व्यापारियों दीपक और नकुल खंडेलवाल को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया है। तस्करों के पास से 4.72 करोड़ का सोना बरामद हुआ है।

Aug 29, 2026 - 10:15
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DRI ने इंदौर के सराफा व्यापारियों को कोटा से किया गिरफ्तार, 4.72 करोड़ का तस्करी का सोना बरामद

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के सराफा बाजार के कारोबारी भी विदेशी सोने की तस्करी में लिफ्ट पाए गए हैं। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (DRI) ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सराफा बाजार के दो प्रमुख कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी दीपक खंडेलवाल और उनके बेटे नकुल खंडेलवाल ने कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र के अकोला से तस्करी का भारी मात्रा में सोना इंदौर मंगवाया था। डीआरआई ने पहले इस खेप की डिलीवरी देने आए तीन तस्करों को पकड़ा था, जिनके पास से लगभग तीन किलो सोना (कीमत 4.72 करोड़ रुपये) बरामद हुआ था। पूछताछ में तस्करों ने तुलसी नगर स्थित खंडेलवाल परिवार को सोना डिलीवर करने की बात कही थी, जिसके बाद डीआरआई ने राजस्थान के कोटा से दोनों पिता-पुत्र को धर दबोचा।

🔍 कोटा में गिरफ्तारी के दौरान फेंके मोबाइल फोन, पूछताछ में कई अन्य स्थानीय व्यापारियों के नाम आए सामने

जब डीआरआई की टीम ने महाराष्ट्र के तस्करों को पकड़ा, तो दीपक और नकुल खंडेलवाल तुरंत फरार हो गए थे और उनकी दुकान भी बंद चल रही थी। तकनीकी सर्विलांस के आधार पर दोनों के राजस्थान में होने की पुष्टि होने के बाद डीआरआई ने कोटा में छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन फेंक दिए ताकि तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अहम सबूत छुपाए जा सकें। ट्रांजिट रिमांड पर इंदौर लाने के बाद कोर्ट में पेश किए जा रहे इन आरोपियों से पूछताछ में इंदौर के कुछ अन्य कारोबारियों और एक बंगाली व्यापारी के नाम भी सामने आए हैं, जो इस तस्करी के खेल में जुड़े हुए थे। ये लोग दलाली के जरिए प्रति दस ग्राम करीब 10 हजार रुपये का मुनाफा कमाते थे।

🏷️ विदेशी सोने पर लगाई जाती थी 'अग्नि' ब्रांड की सील, बंगाल या उत्तर-पूर्व के रास्ते हो रही तस्करी

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इंदौर मंगाया गया सोना असल में विदेशी मूल का था, जिस पर 'अग्नि' नामक भारतीय ब्रांड की फर्जी सील चस्पा की गई थी। अंतरराष्ट्रीय तस्कर पहले विदेश से 999.0 शुद्धता वाला सोना भारत लाते हैं, फिर उसे पिघलाकर थोड़ी मिलावट के साथ 995.0 शुद्धता में बदलते हैं और उस पर भारतीय ब्रांड की मुहर लगा देते हैं ताकि असलियत छिपाई जा सके। आशंका जताई जा रही है कि यह सोना बंगाल या उत्तर-पूर्व के रास्ते देश में लाया जा रहा था।

💰 भारी टैक्स और आयात ड्यूटी से बढ़ रहा तस्करी का ट्रेंड

इस अवैध कारोबार के पीछे सबसे बड़ा कारण सरकार द्वारा सोने पर लगाया जाने वाला भारी-भरकम टैक्स है। इसी साल मई के महीने में सरकार ने सोने पर आयात ड्यूटी बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी थी, जिसके साथ 3 प्रतिशत जीएसटी जुड़ने के बाद कुल टैक्स करीब 18 प्रतिशत तक पहुँच जाता है। सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच 18 प्रतिशत का यह टैक्स बहुत ज्यादा है, जिससे विदेशी और घरेलू बाजार में दामों का बड़ा अंतर आ जाता है। इसी अंतर और भारी मुनाफे के लालच में तस्कर टैक्स बचाकर अवैध तस्करी को अंजाम दे रहे हैं, जिस पर अब केंद्रीय एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

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