रतलाम-गोधरा और नागदा के बीच बिछेंगी तीसरी और चौथी रेलवे लाइन, पीएम गति शक्ति योजना में शामिल हुआ प्रोजेक्ट
दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग को फोरलेन बनाने के लिए तीसरी और चौथी लाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है। रतलाम रेल मंडल में भी जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई को आपस में जोड़ने वाले महत्वपूर्ण रेलमार्ग को देश के उन 7 हाई-डेंसिटी रेलमार्गों में शामिल किया गया है, जहाँ रेलवे तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण कर इसे फोर-लेन रेलमार्ग के रूप में विकसित कर रहा है। कुल 1423 किलोमीटर लंबे इस रूट पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो चुका है। भारी मात्रा में माल ढुलाई और कम समय में सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेलवे बोर्ड ने 2024 में इसकी डीपीआर तैयार कराई थी। इसके बाद इसे 'पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान' में शामिल किया गया और केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर वीडियो जारी कर इन 7 हाई-डेंसिटी रूट्स की प्रगति और फायदों की जानकारी साझा की है।
🛤️ गोधरा से रतलाम और नागदा तक बिछेंगी नई लाइनें, 2030-31 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भारत के इन 7 प्रमुख हाई-डेंसिटी रेल रूट्स (दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-हावड़ा, हावड़ा-चेन्नई, चेन्नई-मुंबई, दिल्ली-चेन्नई, मुंबई-हावड़ा और दिल्ली-गुवाहाटी) पर तेजी से कार्य चल रहा है। ये सभी मार्ग देश के कुल रेल ट्रैफिक का लगभग 41 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं, जबकि यह पूरे देश के रेल नेटवर्क का केवल 16 प्रतिशत ही हैं। रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि रतलाम मंडल के अंतर्गत गोधरा से रतलाम और रतलाम से नागदा के बीच तीसरी और चौथी लाइन डालने के लिए कैबिनेट की मंजूरी के बाद कार्ययोजना अंतिम चरण में है। इस पूरे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए वर्ष 2030-31 तक की समय-सीमा तय की गई है।
🚀 ट्रेनों की रफ्तार बढ़कर होगी 160 किमी/घंटा, दिल्ली-मुंबई की दूरी सिमटकर रह जाएगी 10 घंटे
गौरतलब है कि देश के दो सबसे बड़े और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट—दिल्ली-मुंबई फोरलेन रेलमार्ग और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे—दोनों ही रतलाम रेल मंडल से होकर गुजरते हैं। इस रूट पर तीसरी और चौथी लाइन के बन जाने से रतलाम और आसपास के तमाम जिलों में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और नए लॉजिस्टिक्स हब विकसित हो सकेंगे। इस अपग्रेडेशन के बाद ट्रेनों की रफ्तार बढ़कर 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो जाएगी, जिससे दिल्ली और मुंबई के बीच की यात्रा महज 10 घंटे में पूरी की जा सकेगी और यात्रियों को सुगम व तीव्र परिवहन की सौगात मिलेगी।
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