अक्टूबर से हर दिन 1200 टन कचरे का होगा निष्पादन, नगर निगम ने नया टेंडर किया जारी
ग्वालियर के केदारपुर में 13 लाख टन कचरे के पहाड़ को खत्म करने के लिए इटली से हाईटेक मशीनें मंगाई गई हैं। अक्टूबर से कचरा निष्पादन का काम तेजी से शुरू होगा।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में वर्षों से सिरदर्द बने कचरे के बड़े-बड़े पहाड़ों से जल्द ही निजात मिलने वाली है। कचरे के सुरक्षित निष्पादन के साथ-साथ इसे कमाई का एक बेहतर जरिया बनाने के लिए ग्वालियर नगर निगम ने इटली से आधुनिक हाईटेक मशीनें मंगवा ली हैं। ये मशीनें केदारपुर लैंडफिल साइट पर लगे 13 लाख टन पुराने कचरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए आगामी अक्टूबर महीने से धरातल पर काम शुरू कर देंगी। प्रशासन की इस नई पहल से शहर में स्वच्छता और पर्यावरण प्रबंधन को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
⚙️ धीमे काम के चलते पुराना टेंडर हुआ था निरस्त, अब नई मशीनों से बढ़ेगी रफ्तार
ग्वालियर शहर में रोजाना डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के बाद निकलने वाला सारा वेस्ट केदारपुर कचरा निष्पादन केंद्र पर भेजा जाता है, लेकिन पूर्व में काम की धीमी रफ्तार और लापरवाही के कारण वहाँ 13 लाख टन कचरे का विशाल पहाड़ जमा हो गया था। वेस्ट प्रोसेसिंग कंट्रोल सेंटर के इंचार्ज शैलेंद्र सक्सेना के मुताबिक, पहले जो 33 करोड़ रुपये का टेंडर दिया गया था, उसके तहत ठेकेदार को रोज 600 टन कचरा डिस्पोज करना था, लेकिन सुस्ती के चलते केवल 6 लाख टन कचरा ही साफ हो पाया जिसके बाद वह टेंडर निरस्त कर दिया गया। अब नगर निगम ने इटली से दो अत्याधुनिक मशीनें मंगाई हैं, जिनका इंस्टॉलेशन कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। अक्टूबर से ये मशीनें शहर के रोजाना के ताजे कचरे के साथ-साथ पुराने कचरे को मिलाकर हर दिन कुल 1200 टन कचरा तेजी से डिस्पोज करेंगी।
💰 नगर निगम और ठेकेदार दोनों के लिए फायदेमंद होगा नया प्रोजेक्ट: सूखे कचरे और खाद से होगी बंपर कमाई
नगर निगम ने इस बार नए टेंडर में आर्थिक बचत का भी पूरा ध्यान रखा है। नया कचरा निष्पादन ठेका मात्र 4.5 करोड़ रुपये में दिया जा रहा है, जो पिछले टेंडर के मुकाबले करीब 28.8 करोड़ रुपये कम है। इस व्यवस्था के तहत लैंडफिल साइट पर आने वाले सूखे और गीले कचरे को छांटकर अलग किया जाएगा। सूखे कचरे को रीसाइक्लिंग के लिए विभिन्न फैक्ट्रियों को बेचा जाएगा, जबकि गीले कचरे से उच्च गुणवत्ता की ऑर्गेनिक खाद तैयार कर किसानों, नर्सरी संचालकों और पार्कों को उपलब्ध कराई जाएगी। इन सभी उत्पादों की बिक्री से होने वाली पूरी कमाई ठेकेदार की होगी, जिससे यह प्रोजेक्ट पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ निगम और ठेकेदार दोनों के लिए एक बेहद किफायती और लाभकारी सौदा साबित होगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)