गोबर, गड्ढों और पथरीले रास्तों पर प्रैक्टिस करने को मजबूर हैं जर्मनी तक चमक बिखेरने वाले युवा खिलाड़ी

'मिनी ब्राजील' के रूप में प्रसिद्ध शहडोल के विचारपुर गांव के युवा और बच्चे आज भी उबड़-खाबड़ मैदानों और सुविधाओं के अभाव में फुटबॉल खेलने को मजबूर हैं।

Aug 29, 2026 - 17:02
0
गोबर, गड्ढों और पथरीले रास्तों पर प्रैक्टिस करने को मजबूर हैं जर्मनी तक चमक बिखेरने वाले युवा खिलाड़ी

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से सटा 'विचारपुर' गांव आज देश-दुनिया में 'मिनी ब्राजील' के नाम से अपनी एक खास पहचान बना चुका है। यहाँ के युवा खिलाड़ी जर्मनी तक अपना हुनर दिखा चुके हैं और जर्मनी के प्रतिष्ठित क्लब के कोच यह जानने के लिए इस गांव का दौरा कर चुके हैं कि आखिर यहां की मिट्टी में ऐसा क्या जादू है कि तमाम बुनियादी असुविधाओं के बावजूद बच्चे फुटबॉल के प्रति इतने जुनूनी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने लोकप्रिय कार्यक्रम 'मन की बात' में इस गांव का कई बार जिक्र कर चुके हैं, लेकिन इतनी सुर्खियां बटोरने के बावजूद आज भी यह गांव एक अदद अच्छे फुटबॉल मैदान को तरस रहा है। आलम यह है कि यहां 3 साल के बच्चों से लेकर 20 साल तक के युवा गोबर, गड्ढों, कीचड़ और धूल के बीच फुटबॉल खेलने को मजबूर हैं।

💪 सुविधाओं का अभाव और चोटों का जोखिम: प्रैक्टिस से पहले मैदान साफ करते हैं बच्चे

सुविधाओं की भारी कमी के बावजूद यहां के बच्चों का फुटबॉल के प्रति प्रेम कम नहीं हुआ है। सुबह होते ही अलग-अलग ग्रुप्स में बच्चे मैदान पर पसीना बहाते नजर आते हैं, जिनमें कई छोटे बच्चे बिना शूज के ही खेलते दिखाई देते हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि पथरीला और उबड़-खाबड़ ग्राउंड होने के कारण उन्हें अक्सर चोटें लग जाती हैं, जिससे हफ्तो या महीनों तक खेल से दूर रहना पड़ता है। फुटबॉल कोच शंकर दाहिया और लक्ष्मी सहीस ने बताया कि बारिश के मौसम में मैदान में पानी भर जाने से बड़े-बड़े गड्ढे बन जाते हैं और गोबर-कीचड़ जमा हो जाता है। स्थिति यह है कि बच्चे जब अभ्यास करने आते हैं, तो खेल शुरू करने से पहले उन्हें खुद मैदान की सफाई करनी पड़ती है। पीने के पानी तक की उचित व्यवस्था न होने के बाद भी इन खिलाड़ियों का जज्बा कम नहीं हुआ है।

🏗️ 5 करोड़ से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति, जर्मनी और कंबोडिया तक पहुंच चुकी है विचारपुर के हुनर की गूंज

इस गांव के खिलाड़ियों की प्रतिभा का दायरा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल चुका है। नवंबर 2025 में जर्मनी के मशहूर फुटबॉलर डायटमार बियर्सडॉर्फ यहां के बच्चों का हुनर देखने पहुंचे थे और उन्होंने 5 युवा खिलाड़ियों व एक कोच को ट्रेनिंग के लिए जर्मनी भी बुलाया था। इसके अलावा कंबोडिया से भी फुटबॉल एक्सपर्ट्स इस गांव का दौरा कर चुके हैं। प्रशासनिक स्तर पर राहत की बात यह है कि स्थानीय विधायक मनीषा सिंह के प्रयासों से खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विचारपुर में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए 'खेलो इंडिया स्मॉल सेंटर' के तहत 5 करोड़ 10 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इस राशि से फुटबॉल ग्राउंड, बाउंड्री वॉल, चेंजिंग रूम, पवेलियन और ऑफिशियल रूम का निर्माण होना है, जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इन प्रतिभावान खिलाड़ियों को एक बेहतर खेल मैदान मिल सकेगा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User