'असली दुश्मन को पहचानें इस्लामिक देश', ईरान के सुप्रीम लीडर ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर कही बड़ी बात
ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने मुस्लिम देशों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने अमेरिका और इजराइल को इस्लाम का विरोधी बताया है।
ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद मुज्तबा खामेनेई ने एक बार फिर मुस्लिम दुनिया के बीच आपसी एकता और भाईचारे की जोरदार वकालत की है। उन्होंने तमाम इस्लामिक देशों के शासकों से आह्वान किया है कि वे संकीर्ण दूरियों को मिटाकर अपने “असली दुश्मन” को पहचानें और उनका डटकर मुकाबला करें। रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट की गई एक श्रृंखला में खामेनेई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “इस्लाम का दुश्मन” हमेशा से यह चाहता है कि मुसलमान आपस में नस्लीय, सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और भौगोलिक आधार पर बंटे रहें, ताकि उनकी सामूहिक ताकत कमजोर हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि दुश्मन इसी फूट का फायदा उठाकर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों पर अपना आधिपत्य जमाने की फिराक में रहता है।
🤝 फिलिस्तीन का उदाहरण देकर कही बड़ी बात, कहा—फूट डालने वाले लोग अनजाने में दुश्मनों का एजेंडा बढ़ा रहे हैं आगे
अपने संदेश को विस्तार देते हुए मुज्तबा खामेनेई ने कहा कि जो कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी ऊंचे पद पर क्यों न बैठा हो, यदि ऐसा आचरण करता है जिससे मुसलमानों के बीच दरार पड़े या इस्लामी समुदाय में आंतरिक कलह पैदा हो, तो वह चाहे अनजाने में ही सही, प्रत्यक्ष रूप से इस्लाम के दुश्मनों के एजेंडे को मजबूत कर रहा है। फिलिस्तीन के मौजूदा दर्दनाक हालातों का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आज पूरी दुनिया के मुसलमान एकजुट और एकमत होते, तो क्या फिलिस्तीन की यह स्थिति कभी बन सकती थी? उन्होंने खाड़ी देशों और वेस्ट एशिया के शासकों से अपील की कि वे उम्माह (इस्लामी समुदाय) की समस्याओं का एकमात्र समाधान आपसी एकता, मेल-मिलाप और सहयोग में तलाशें। उन्होंने अमेरिका और इजराइल को मुस्लिम जगत की एकता का सबसे बड़ा और घोषित विरोधी करार दिया।
💵 डॉलर पर निर्भरता घटाने और 'रेजिस्टेंस इकोनॉमी' पर जोर, अमेरिका के नए आर्थिक प्रतिबंधों पर कसा तंज
राजनीतिक और वैचारिक संदेश के साथ-साथ ईरान के सुप्रीम लीडर ने देश की आंतरिक अर्थव्यवस्था और अमेरिका द्वारा बनाए जा रहे वित्तीय दबाव पर भी खुलकर बात की। इससे पहले शनिवार को एक संबोधन में खामेनेई ने देश की आर्थिक रणनीति का जिक्र करते हुए कहा था कि घरेलू उत्पादन (Domestic Production) को बढ़ावा देना और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता को कम करना एक मजबूत व आत्मनिर्भर ‘रेजिस्टेंस इकोनॉमी’ के निर्माण के लिए अति आवश्यक है। उनकी यह टिप्पणियां ऐसे समय में सामने आई हैं जब हाल ही में अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' की घोषणा की है, जिसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर ईरान के वित्तीय संपर्कों को पूरी तरह काटना और ईरानी शासन को मिलने वाले राजस्व स्रोतों को रोकना है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)