भारत का ब्यूटी और पर्सनल केयर बाजार होगा दोगुना, 2031 तक 42 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान
भारत का ब्यूटी और पर्सनल केयर बाजार वित्त वर्ष 2031 तक 42 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन शॉपिंग और युवा ग्राहकों से इस सेक्टर में भारी तेजी आएगी।
भारत में ब्यूटी, स्किनकेयर और पर्सनल केयर से जुड़े उत्पादों का बाजार इन दिनों भारी उछाल पर है। ग्रूमिंग, मेकअप और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स की लगातार बढ़ती माँग को देखते हुए यह सेक्टर आने वाले कुछ वर्षों में लगभग दोगुना हो सकता है। आदित्य बिड़ला कैपिटल की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ब्यूटी और पर्सनल केयर बाजार वित्त वर्ष 2026 के अनुमानित 23 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2031 तक लगभग 42 अरब डॉलर के बड़े आंकड़े को पार कर सकता है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत वर्ष 2030 तक दुनिया का चौथा सबसे बड़ा ब्यूटी और पर्सनल केयर मार्केट बन सकता है, जिसमें सालाना कंपाउंड ग्रोथ रेट (CAGR) करीब 12 फीसदी रहने की उम्मीद जताई गई है।
📈 अभी भी बाजार में बड़ी ग्रोथ की गुंजाइश, Gen Z और Gen Alpha बदल रहे हैं ब्यूटी मार्केट की तस्वीर
देश में ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदने वाले सक्रिय उपभोक्ताओं की संख्या अभी कुल इंटरनेट यूजर्स के मुकाबले काफी कम है। वर्तमान में लगभग 14 करोड़ लोग नियमित रूप से ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स की खरीदारी करते हैं, जिसके वर्ष 2030 तक बढ़कर 20 करोड़ तक पहुँचने की संभावना है। इस पूरी ग्रोथ में 'Gen Z' और 'Gen Alpha' जैसी युवा पीढ़ियों की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है। रिपोर्ट बताती है कि वित्त वर्ष 2031 तक इन दोनों पीढ़ियों की हिस्सेदारी ब्यूटी सेक्टर के कुल खर्च में लगभग 50 प्रतिशत तक हो जाएगी। आज के युवा ग्राहक केवल विज्ञापन देखकर उत्पाद नहीं खरीदते, बल्कि वे ऑनलाइन रिव्यू, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले इंग्रीडिएंट्स और उसकी गुणवत्ता को बारीकी से परखते हैं।
🛒 ऑनलाइन शॉपिंग और क्विक कॉमर्स का बढ़ेगा बोलबाला, नए ब्रांड्स के लिए भी खुलेंगे रास्ते
आने वाले सालों में ब्यूटी उत्पादों की बिक्री ऑनलाइन और संगठित ऑफलाइन—दोनों ही माध्यमों से तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, ब्यूटी बाजार में ऑनलाइन बिक्री की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026 के 25 प्रतिशत से बढ़कर 2031 तक 34 प्रतिशत हो सकती है, जबकि क्विक कॉमर्स का चलन रोजमर्रा के सामानों की तरह तेजी से आगे बढ़ेगा। इसके अलावा, डिजिटल विज्ञापनों और ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिए नए ब्यूटी ब्रांड्स को शुरू करना आसान हुआ है, जिससे 100 करोड़ रुपये से अधिक सालाना कमाई वाले नए जमाने के ब्रांड्स की संख्या 2031 तक दोगुनी होकर 150 से ज्यादा हो सकती है। हालांकि, बाजार में टिके रहने के लिए कंपनियों को केवल नए उत्पाद लॉन्च करने के बजाय ग्राहकों का भरोसा जीतने और मुनाफे के मार्जिन पर विशेष ध्यान देना होगा।
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