अमेरिका और दक्षिण कोरिया के युद्धाभ्यास के बीच उत्तर कोरिया का बड़ा कदम, हथियारों के विकास पर जोर
उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने सेना में बड़ा बदलाव करते हुए डिफेंस मिनिस्टर को उनके पद से हटा दिया है। जानिए पूरी खबर।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, उत्तर कोरिया से एक बड़ी खबर सामने आई है। शनिवार को उत्तर कोरियाई नेतृत्व ने सेना और सरकार में बड़ा फेरबदल करते हुए डिफेंस मिनिस्टर नो क्वांग चोल को उनके पद से हटा दिया है। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी KCNA के मुताबिक, यह बड़ा बदलाव एक निर्धारित 'स्ट्रक्चरल री-ऑर्गनाइजेशन प्लान' (संरचनात्मक पुनर्गठन योजना) के तहत किया गया है। इस पूरी पुनर्गठन प्रक्रिया का फैसला देश के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, नो क्वांग-चोल को केवल रक्षा मंत्री के पद से ही नहीं हटाया गया, बल्कि सत्तारूढ़ दल में उनकी रैंक भी कम कर दी गई है और उन्हें 'आर्मामेंट इंडस्ट्री डिपार्टमेंट का फर्स्ट डिप्टी डायरेक्टर' नियुक्त किया गया है।
🔄 सैन्य नेतृत्व में व्यापक फेरबदल, किम सोंग-गी बने नए रक्षा मंत्री और पाक जोंग-चोन को मिली बड़ी जिम्मेदारी
इस नए फेरबदल के तहत कोरियाई पीपुल्स आर्मी के जनरल पॉलिटिकल ब्यूरो के डायरेक्टर किम सोंग-गी को देश का नया डिफेंस मिनिस्टर बनाया गया है। इसके अलावा, एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी और रक्षा सलाहकार पाक जोंग-चोन को सेंट्रल मिलिट्री कमीशन का वाइस चेयरमैन नियुक्त किया गया है और उन्हें सत्तारूढ़ पार्टी के पॉलिटिकल ब्यूरो में भी शामिल किया गया है। सरकारी एजेंसी के अनुसार, सेना के इस पुनर्गठन के साथ-साथ कई अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के पदों में भी बदलाव और पदोन्नतियां की गई हैं। एक अन्य अलग रिपोर्ट में KCNA ने जानकारी दी कि किम जोंग उन ने शनिवार को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान देश के शीर्ष वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और अधिकारियों से मुलाकात की, जहाँ उन्होंने डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हुई प्रगति की सराहना करते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया।
⚠️ अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त युद्धाभ्यास के तुरंत बाद हुआ बदलाव, ट्रंप की प्रतिक्रिया पर भी नजर
सैन्य लीडरशिप में हुआ यह ताजा फेरबदल दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच संपन्न हुई सालाना ज्वाइंट मिलिट्री एक्सरसाइज के तुरंत बाद सामने आया है। प्योंगयांग लंबे समय से इन सैन्य अभ्यासों की कड़ी आलोचना करता रहा है और इसे उत्तर कोरिया के खिलाफ संभावित सैन्य हमले की तैयारी मानता है। हालांकि, इस साल इन अभ्यासों पर विशेष नजर रही क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इनके दायरे को कुछ सीमित करने के निर्देश दिए थे। उधर, प्योंगयांग की तरफ से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के इन कदमों पर अब तक कोई खास सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है, बल्कि उत्तर कोरिया ने हाल ही में मिसाइल परीक्षण जारी रखते हुए वाशिंगटन और सउल की नीतियों की खुलकर आलोचना की है।
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