कटरबाजों पर लगाम कसने के लिए पुलिस और प्रशासन का संयुक्त अभियान, नशीली दवा बेचने पर सख्त एक्शन
सागर में नाबालिगों को नशीली दवाएं बेचने वाले मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कई मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त और निलंबित किए गए हैं।
मध्य प्रदेश के सागर शहर में सक्रिय 'कटरबाजों' और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने अब दवा विक्रेताओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस की पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि शहर में अपराधों को अंजाम देने वाले ज्यादातर कटरबाज नाबालिग हैं और वे मेडिकल स्टोर्स पर आसानी से मिलने वाली प्रतिबंधित व नशीली दवाओं का सेवन करते हैं। इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देशन में प्रशासन और औषधि विभाग द्वारा एक संयुक्त और व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नाबालिगों को नशे के गर्त में धकेलने वाले मेडिकल स्टोर्स पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस निरस्त किए जा रहे हैं।
🔍 ड्रग इंस्पेक्टर की औचक छापेमारी, नियमों का उल्लंघन मिलने पर 'ऋषभ' और 'विष्णु' मेडिकल के लाइसेंस रद्द
ड्रग इंस्पेक्टर सोनम जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स पर अवैध रूप से नशीली दवाएं बेचे जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने शहरभर में निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इस सख्त कार्रवाई के तहत नियमों का भारी उल्लंघन और नशीली दवाओं की बिक्री में संलिप्त पाए जाने पर 'ऋषभ इंटरप्राइजेज' मेडिकल स्टोर का लाइसेंस पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा, आईटीआई के सामने संचालित 'विष्णु मेडिकल' की जांच के दौरान दुकान बंद मिलने और फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में अवैध संचालन पाए जाने पर उसका भी लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। वहीं, 'संवृद्धि मेडिकल' का लाइसेंस नियमों के फेर में 7 दिनों के लिए निलंबित किया गया है।
📋 दस्तावेजों में गड़बड़ी पर नोटिस, भोपाल लैब भेजे गए दवाओं के नमूने
प्रशासनिक टीम ने शहर के अन्य मेडिकल स्टोर्स जैसे विजय टॉकीज रोड स्थित 'पटेल मेडिकल' का भी औचक निरीक्षण किया। यहाँ 'Avil' वायल 10 एमएल के क्रय-विक्रय (खरीद-फरोख्त) के दस्तावेजों में भारी गड़बड़ी पाई गई, जिसके बाद संचालक को तीन दिनों के भीतर नारकोटिक्स और संबंधित दवाओं के वैध दस्तावेज पेश करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की अगली बड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जब्त की गई संदिग्ध दवाओं के नमूने (सैंपल) जांच के लिए औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं। गौरतलब है कि पिछले महीने भी औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1945 के नियमों का उल्लंघन करने वाले सागर जिले के 13 मेडिकल स्टोर्स पर निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है।
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