लगातार बारिश से कमजोर हुई दीवार ढही, शेड तोड़ने के दौरान मलबे में दबकर दो मजदूरों ने गंवाई जान

जबलपुर के नेपियर टाउन में बीएसएनएल की बंद पड़ी फैक्ट्री का शेड तोड़ने के दौरान दीवार गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई है। मृतक राजस्थान के रहने वाले थे।

Sep 02, 2026 - 16:34
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लगातार बारिश से कमजोर हुई दीवार ढही, शेड तोड़ने के दौरान मलबे में दबकर दो मजदूरों ने गंवाई जान

मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर के व्यस्त नेपियर टाउन इलाके में स्थित बीएसएनएल की बंद पड़ी टेलीकॉम फैक्ट्री के भीतर बुधवार को एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। फैक्ट्री के पुराने और जर्जर शेड को तोड़ने का काम चल रहा था, इसी दौरान अचानक एक भारी दीवार ढह गई जिसकी चपेट में आने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों मृतक मजदूर राजस्थान के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हालांकि दुर्घटना के काफी देर बाद भी उस संबंधित निजी कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुँचे थे, जिसने इन मजदूरों को काम पर लगाया था।

🏗️ राजस्थान की कंपनी ने लिया था कबाड़ स्ट्रक्चर तोड़ने का ठेका, लगातार बारिश से जर्जर हो चुकी थीं दीवारें

मिली जानकारी के अनुसार, नेपियर टाउन क्षेत्र में लगभग 100 एकड़ जमीन पर बीएसएनएल की यह विशाल टेलीकॉम फैक्ट्री फैली हुई है, जहाँ कभी खंभे और तार बनाए जाते थे, लेकिन अब यह पूरी तरह बंद हो चुकी है। फैक्ट्री के भीतर बने पुराने और बड़े-बड़े शेड कबाड़ में तब्दील हो चुके थे, जिन्हें हाल ही में नीलाम किया गया था। राजस्थान की एक निजी कंपनी ने इस स्ट्रक्चर को तोड़े जाने और हटाने का ठेका लिया था। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, पिछले दो दिनों से जबलपुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पुरानी दीवारें पूरी तरह कमजोर हो चुकी थीं और जैसे ही मजदूरों ने उन्हें गिराना शुरू किया, वे मलबे के नीचे दब गए।

👮 मौके पर पहुँची मदन महल पुलिस, मृतकों की पहचान नदीम और अकबर के रूप में हुई

घटना की सूचना मिलते ही मदन महल थाने की पुलिस टीम और एसआई सतीश अनुरागी तत्काल मौके पर पहुँचे। पुलिस ने मृतकों की शिनाख्त नदीम और अकबर के रूप में की है, जो मूल रूप से राजस्थान के निवासी थे। पुलिस उनके पहचान पत्रों और दस्तावेजों की पुष्टि करने के साथ-साथ उस अनुबंधित कंपनी के अधिकारियों की तलाश कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए थे। उल्लेखनीय है कि कभी हजारों कर्मचारियों को रोजगार देने वाली बीएसएनएल की ये फैक्ट्रियां अब उचित रखरखाव के अभाव में पूरी तरह जर्जर खंडहर बन चुकी हैं, जहाँ सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते इस तरह के बड़े हादसों की आशंका लगातार बनी रहती है।

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