मध्य प्रदेश में क्लीन एनर्जी सेक्टर का विस्तार, ट्रांजेक्शन एडवाइजरी सर्विसेज के तहत तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी
मध्य प्रदेश में ग्रीन एनर्जी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए रीवा सोलर लिमिटेड और एडीबी के बीच एमओयू हुआ है। ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम शुरू होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश पहले से ही एक ग्रीन स्टेट है, लेकिन अब यह राज्य ग्रीन और क्लीन एनर्जी सेक्टर (नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र) में भी एक नई उम्मीद और विशिष्ट पहचान के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में हरित ऊर्जा की असीम संभावनाएं हैं, जिन्हें सरकार चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतार रही है। यह महत्वपूर्ण घोषणा मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित समत्व भवन में रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (RUMSL) और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के बीच हुए एक अहम एमओयू के अवसर पर कही। इस समझौते से प्रदेश में स्वच्छ, विश्वसनीय और किफायती ऊर्जा के विकास को अभूतपूर्व गति मिलने की उम्मीद है।
🤝 TASA के तहत तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी, ADB देगा निश्शुल्क ट्रांजेक्शन एडवाइजरी सर्विसेज
ट्रांजेक्शन एडवाइजरी सर्विसेज एग्रीमेंट (TASA) के तहत प्रदेश में तीन महत्वपूर्ण नवकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के लिए यह साझेदारी की गई है। इसके तहत एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा RUMSL को तीन प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए पूरी तरह निश्शुल्क ट्रांजेक्शन एडवाइजरी सर्विसेज उपलब्ध कराई जाएंगी। इस तकनीकी और वित्तीय सहयोग का मुख्य उद्देश्य बैंक-योग्य और सस्टेनेबल बिजनेस स्ट्रक्चर्स तैयार करना है, जिससे मध्य प्रदेश में दीर्घकालीन निवेश को बढ़ावा मिल सके। इससे न केवल ग्रिड स्टेबिलिटी मजबूत होगी, बल्कि पीक डिमांड मैनेजमेंट और नवकरणीय ऊर्जा के एकीकरण (इंटीग्रेशन) में भी खासी मदद मिलेगी। सरकार का मुख्य विजन हरित ऊर्जा को केवल बिजली उत्पादन तक सीमित न रखकर इसे औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि का मुख्य इंजन बनाना है।
☀️ ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स को रफ्तार, पीएम सूर्य सरोवर योजना के तहत मिल रही वित्तीय सहायता
TASA के अंतर्गत मध्य प्रदेश में जिन तीन बड़े प्रोजेक्ट्स की तैयारी की जा रही है, उनमें पीएम सूर्य सरोवर योजना के तहत फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड के लिए 278 मेगावाट का ओंकारेश्वर फेज शामिल है। RUMSL के पास पहले से ही फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स को विकसित करने का लंबा और सफल अनुभव है, जो भारत के सबसे बड़े तैरते सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में गिने जाते हैं। ओंकारेश्वर में ही 300 मेगावाट के लिए अतिरिक्त जलाशय क्षेत्र और जरूरी बुनियादी ढांचा पहले से उपलब्ध है। इस कुल 600 मेगावाट के विशाल प्रोजेक्ट के लिए सर्वे, प्री-फिजिबिलिटी और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) का काम पूरा हो चुका है। इस योजना के तहत को-लोकेटेड एनर्जी स्टोरेज सिस्टम वाले फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए भारी-भरकम केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) का भी प्रावधान है।
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